खडडा। स्थानीय ब्लॉक एक गांव में मृतक मुनिया देवी नाम की महिला को आवंटित प्रधानमंत्री आवास की रकम एक अपात्र के बैंक खाते में भेजकर 1.20 लाख रुपये हड़प लिए गए। इसकी जानकारी होने के बाद महिला के बेटे ने डीएम से शिकायत की है। डीएम के आदेश पर पीडी ने इसकी जांच शुरू कर दिया है। इसके पूर्व भी आवास घोटाले के मामले में सचिव पर केस दर्ज हो चुका है, बावजूद सचिव पर विभागीय कार्रवाई से जिम्मेदार कतराते हैं। खड्डा ब्लॉक के नौतार जंगल गांव निवासी ढेवरी की पत्नी मुनिया देवी के नाम से प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ था। इसके बाद मुनिया देवी की मौत हो गई। अभिलेखों व बैंक खाते में हेराफरी कर सचिव की मिलीभगत से मुनिया देवी पत्नी गोबरी जो अपात्र हैं, उसके बैंक अकाउंट में 1.20 लाख रुपये भेज दिए गए। ढेवरी के बेटे लक्ष्मण उर्फ मुसहर ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है कि मां मुनिया देवी की मौत हो गई है।
वह जब जिंदा थी तो मां के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। तत्कालीन ग्राम सचिव उदयभान शर्मा समेत ब्लॉक के अन्य जिम्मेदारों ने गांव की दूसरी महिला जिसका नाम मुनिया देवी पत्नी गोबरी है। उसके नाम पर कागजों में हेराफेरी कर खाता खोलवाकर 31 अक्तूबर 2023 को 40 हजार, 19 दिसम्बर को 70 हजार, 15 जनवरी 2024 को 10 हजार रुपये कुल 1.20 लाख रुपये भेजकर निकाल लिया है।
अब मुनिया देवी का बेटा लक्ष्मण उर्फ मुसहर दो महीने से न्याय के लिए भटक रहा है। जिस महिला के बैंक अकाउंट में पैसा भेजा गया है, उसका नाम पात्रता सूची में नहीं है। यहीं नहीं सरकारी धन हड़पने के लिए मृतक मुनिया की आइडी का दुरुपयोग किया गया। डीएम के आदेश पर परियोजना निदेशक गांव में जांच के लिए पहुंचे तो गांव वालों ने सच्चाई बताई। यह सुनकर उन्होंने हैरानी जताई।