पडरौना। पहिले पहिले हम कइनी छठी मैया वरत तोहार, करिह क्षमा छठी मइया, भूल-चूक गलती हमार...आदि लोक गीतों से छठ घाट मंगलवार की भोर से ही गूंजते रहे। छठ व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर घर में सुख-समृद्धि की कामना की। छठ घाटों पर बच्चों का मुंडन संस्कार भी हुआ। इसी के साथ चार दिवसीय सूर्य उपासना का पर्व संपन्न हो गया।
उदयाचलगामी भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने के लिए छठ घाटों पर मंगलवार की भोर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। महिलाओं ने छठवेदियों के पास बैठकर छठ माता की आराधना की और भगवान सूर्य के उदय होने की प्रतीक्षा करने लगीं। हालांकि सोमवार की सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। रात करीब 12 बजे के बाद रूक-रूक बूंदाबांदी होने लगी।
बूंदाबांदी के बीच व्रती महिलाएं छठ घाट पहुंची। बूंदाबांदी के चलते क्षितिज पर सूर्यदेव नजर नहीं आए, लेकिन जैसे ही सुबह के 6:06 मिनट पर सूरज निकलने का समय हुआ महिलाओं ने पुरोहितों की देखरेख में सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। मुंडन संस्कार भी कराया गया। भक्तिगीतों से छठघाट गूंजते रहे। लोगों ने खूब पटाखे फोड़े।
मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी घाटों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। सदर विधायक मनीष जायसवाल, पडरौना नगर पालिका चेयरमैन विनय जायसवाल, भाजपा नेता रीतिक सिंह गौतम समेत अन्य कई जनप्रतिनिधि और नेता अपने समर्थकों के साथ शहर के छठघाटों पर पहुंचकर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
पडरौना नगर के शिवसागर पोखरा, सुराजी पोखरा, रामधाम पोखरा, अंबे चौक और बावली चौक स्थित पोखरों के छठघाटों पर भी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की तथा सूर्यदेव को अर्घ्य दिया।
कप्तानगंज संवाद के अनुसार, कस्बा के राम जानकी छठ घाट पर कस्बा समेत आसपास गांव की व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान छठ घाट पर करीब 10 हजार लोगों की भीड़ रही। छठ घाट पर रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोड़, कप्तानगंज एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, कसया सीओ कुंदन सिंह, प्रभारी निरीक्षक चंद्रभूषण प्रजापति और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय खेतान ने पहुंचकर व्रती महिलाओं और उनके परिजनों को छठ की शुभकामनाएं दी।
तुर्कपट्टी संवाद के अनुसार, ऐतिहासिक गुप्त कालीन सूर्यमंदिर के पीछे स्थित देवताल पोखरा, भूपसागर पोखरा, झरही नाला, भलुआ नाला, खरदर नाला व घाघी नदी के घाटों पर बने छठ वेदियों पर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया। व्रती महिलाएं रात्रि के तीसरे पहर में ही पहुंचकर सूर्यवेदी पर घी के दिये जलाकर सूर्योदय तक मंगल गीत गाईं और परिवार की खुशियों के लिए सूर्यदेवता से मन्नत मांगी। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह पुलिसकर्मियों के साथ गश्त करते दिखे।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार, व्रती महिलाएं मंगलवार की भोर में कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाय, केरवा जे फरेला घवद में ओही पर सुग्गा मेडराय आदि लोक आस्था के गीतों के साथ छठ घाट पहुंचीं। छठ पर्व को लेकर सेवरही के शिवाघाट के अलावा महाबीर नगर, कतौरा, दमकला घाट, गोलाघाट, मलाही घाट, पिपराघाट, राजपुर बगहा, टिकुलिया सहित अन्य घाटों पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।
कोटवा बाजार संवाद के अनुसार, क्षेत्र के नौरंगिया, कोटवा, सेखुई, केशरी छपरा, खुजरी, पड़री मेहंदिया, कौवासार, बसंतपुर सहित विभिन्न छठ घाटों पर मंगलवार को छठ महापर्व पूरे श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की सेखुई के छठ घाट पर पहुंचे सांसद विजय कुमार और ब्लॉक प्रमुख खड्डा शशांक दुबे ने श्रद्धालुओं को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं।
- बारिश भी कम नहीं कर पाई श्रद्धालुओं का उत्साह
फोटो है।
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। आधी रात से ही श्रद्धालुओं का रेला छठ घाटों की ओर उमड़ पड़ा था। भोर होते-होते हाटा नगर के बाघनाथ मंदिर घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर छठ घाट श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए। हर ओर छठ गीतों की मधुर स्वर लहरियां गूंज रही थीं और तालाब के जल में टिमटिमाते दीपों की रोशनी ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया मानो धरती पर आकाश उतर आया हो। इस बार सुबह अर्घ्य के समय मौसम ने भी अपना अलग रंग दिखाया। जैसे ही पूरब दिशा में लालिमा फैलने लगी, उसी समय हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश की फुहारों में भी व्रती महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सिर पर पूजा की टोकरी थामे, भीगी साड़ियों में भी महिलाएं छठ मइया के गीत गाती रहीं। पानी की सतह पर गिरती बूंदें और दीपों की लौ के संग मिलकर ऐसा मनमोहक दृश्य बना जिसने हर किसी का मन मोह लिया।
छठ व्रतियों को कराया जलपान
पडरौना। छठ पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा विभाग की तरफ से शहर के हनुमान विद्यालय के पास स्थित पोखरा, मटिहनिया समेत अन्य कई छठ घाटों पर जलपान की व्यवस्था कराई गई थी। अर्घ्य देने के बाद आरएसएस के स्वयंसेवकों ने व्रती महिलाओं को चना, हलवा, जलेबी, चाय, काढ़ा, कॉफी पिलाई। इस दौरान नगर सेवा प्रमुख डॉ. धनंजय कुमार मिश्र, ऋषभ जायसवाल, विशाल जायसवाल, सचिन कुमार, शिवम् यादव, बालकृष्ण, संदीप वर्मा, नितिन अग्रवाल, राकेश मद्धेशिया, राजू गुप्ता, दुर्गेश सैनी, आकाश सैनी मौजूद रहे। संवाद