मंगलवार को पडरौना शहर में हुई झमाझम बारिश में भीगते हुए जाते बाइक सवार। संवाद
पडौना। एक पखवारे से रुक-रुक कर बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है। मंगलवार को भी सुबह तेज धूप के बाद दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। इससे गर्मी से राहत मिली, वहीं बीते करीब एक पखवाड़े से बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। बारिश बंद होने पर शाम को कई किसानों ने अपने धान और गन्ने की फसल में उर्वरक डाले।
मानसून की सक्रियता के कारण जिले में पिछले 15 दिनों से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। कभी तेज धूप तो कभी बादल और बूंदाबांदी का दौर चल रहा है। मंगलवार को सुबह से खिली धूप के कारण उमस बढ़ गई थी, लेकिन दोपहर बाद अचानक काले बादल छाए और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे की बारिश से तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि अगले तीन से चार दिन तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रहेगा। वहीं लगातार नमी मिलने से धान की फसल लहलहा रही है। रोपाई का काम भी तेजी से पूरा हो गया है। गन्ने की बढ़वार के लिए भी यह बारिश फायदेमंद है।
किसान रामप्रवेश ने बताया कि खेतों में पानी की कमी नहीं है। धान की फसल अच्छी होगी। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश और जलभराव से भिंडी, लौकी, कद्दू और मिर्च की फसलों में फफूंद और गलन की समस्या बढ़ गई है। निचले इलाकों में सब्जी की फसलें सड़ने लगी हैं।
सब्जी विक्रेता अजय प्रसाद ने बताया कि मंडी में सब्जी कम आ रही है। जो आ भी रही है वो बारिश की वजह से खराब है। दाम भी बढ़ गए हैं। जिला कृषि अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश धान और गन्ने की फसलों के लिए ठीक है। खेत में नमी बने रहने से फसल की बढ़वार तेज होगी। उन्होंने बताया कि धान की खेत में जलभराव न होने दें, अतिरिक्त पानी की निकासी करें। सब्जियों की फसलों को फफूंद से बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञ से दवा की सलाह लें।