तमकुहीरोड। आजादी से पहले से चली आ रही तमकुहीरोड की ऐतिहासिक महाबीरी अखाड़ा डोल मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। दो दिवसीय मेले को लेकर मंगलवार को चार अखाड़ों में शस्त्र पूजन किया जाएगा। वहीं चार अखाड़ों में शस्त्र पूजन पहले ही संपन्न हो चुका है। शस्त्र पूजन के साथ ही अखाड़ों के खिलाड़ियों का अभ्यास भी तेज हो जाएगा।
इस वर्ष महाबीरी अखाड़ा डोल मेला एक सितंबर की रात और दो सितंबर को दिन में आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर अखाड़ों के खिलाड़ी हैरतअंगेज खेल कौशल का प्रदर्शन करने के लिए अभ्यास में जुटे हैं। तमकुहीरोड में महाबीरी अखाड़ा डोल मेला आजादी से पहले से मनाया जाता है। इसमें हर वर्ष सात अखाड़ों के खिलाड़ी भाग लेते हैं। खिलाड़ी विभिन्न तरह के शस्त्रों और पारंपरिक खेल कौशल का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित करते हैं। मेले में हनुमान जी की आकर्षक प्रतिमाओं की झांकियां भी निकाली जाती हैं। मेले में दूर-दराज से आने वाले कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। इसे देखने के लिए पूर्वांचल के साथ ही यूपी-बिहार सीमा क्षेत्र के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐतिहासिक परंपरा से जुड़े इस मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह रहता है। मंगलवार को चार अखाड़ों में शस्त्र पूजन के बाद मेले की तैयारियां और जोर पकड़ेंगी। अखाड़ों के खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर अपने प्रदर्शन को धार देंगे।