गोडरिया। न्यू पीएचसी चाफ दुबौली का बुरा हाल है। डॉक्टर समेत पांच स्वास्थ्यकर्मियों की यहां पर तैनाती हैं, लेकिन सिर्फ फार्मासिस्ट ही यहां आने वाले मरीजों का इलाज करते हैं। बाकी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों ने विभागीय मिलीभगत से मनचाहे अस्पताल पर तैनाती करा ली है।
इसके चलते आने वाले मरीजों को सिर्फ दर्द, बुखार की दवा मिलती है बाकी इलाज के लिए निजी अस्पताल या दुदही सीएचसी पर जाना पड़ता है। शनिवार को ओपीडी में 28 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे, इसमें कई ऐसे मरीज थे, जिनको कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनके खून की जांच कराना जरूरी था, लेकिन लैब सहायक के नहीं होने से मरीजों को निजी पैथालॉजी पर जाना पड़ा। दुदही सीएचसी के अंतर्गत आने वाले न्यू पीएचसी चाफ दुबौली पर शनिवार को 10:30 बजे आए मरीजों का इलाज ओपीडी में फार्मासिस्ट सुरेंद्र गुप्ता कर रहे थे। यहां तैनात डॉ. राकेश कुमार सिंह, लैब सहायक जितेंद्र कुमार, वार्ड ब्वाय रामप्रसाद सिंह और स्वीपर नंदलाल प्रसाद मौजूद नहीं थे। कई ऐसे मरीज आए थे, जिनको कई दिनों से बुखार आ रहा था।
फार्मासिस्ट ने खून की जांच कराने के लिए लिखा, लेकिन न्यू पीएचसी पर लैब सहायक के नहीं होने के कारण मरीजों को निजी पैथालॉजी में जांच करानी पड़ी। इलाज कराने आए विकास प्रसाद जयराठी पट्टी निवासी ने बताया की सर्दी-जुखाम से पीड़ित हैं और ठंड लग रही है। 65 वर्षीय नगीना मेला नरहवा निवासी ने बताया कि कुंभ में स्नान करने गया था। 30 किमी पैदल चला।
वहां से आने के बाद तबीयत बिगड़ गई है। खून की जांच कराना है। अंदर सुविधा नहीं होने के कारण बाहर कराना मजबूरी हैं।