पडरौना। पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमत वृद्धि और नहीं मिलने की अफवाहों की आग ने पेट्रोल पंपों को सुखा दिया। बुधवार को दोपहर बाद पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों ने जनता के बीच ऐसी अफरा-तफरी मचाई कि जो स्टॉक तीन दिन तक चलना था, वह मात्र 12 घंटे में ही खत्म हो गया। टैंक फुल करवाने व ईंधन डंप करने के लिए लोग गैलन, ड्रम व बड़े-बड़े पात्र लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। यह सिलसिला बृहस्पतिवार को दिन व रात में भी जारी रहा। इसका नतीजा रहा कि शुक्रवार की सुबह से ही तमाम पेट्रोल पंपों पर डीजल व पेट्रोल नहीं होने के बोर्ड लटका दिए गए।
वाहनों में डीजल व पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे वाहन चालक गाड़ी पहुंचने का इंतजार करते रहे। वहीं, जिन पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता रही वहां लोगों की भीड़ जुटी रही। हालांकि तेल की उपलब्धता को लेकर पेट्रोल पंप संचालक व प्रशासन लगातार यह अपील कर रहे हैं कि पैनिक होकर पंपों पर भीड़ न लगाएं। आवश्यकता के अनुसार, उन्हें ईंधन की आपूर्ति होती रहेगी।
एनएच-28 स्थित एचपी पेट्रोल पंप के प्रबंधक सौरभ ने बताया कि पहले जहां पेट्रोल पंप से प्रतिदिन 8000-10000 लीटर की बिक्री होती थी,लेकिन बीते बुधवार व बृहस्पतिवार को बढ़कर 14000-16000 लीटर हो गई।
कसया नगर में संचालित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप संचालक आदित्य त्रिपाठी ने बताया कि पंप की क्षमता 80 हजार लीटर की है। इसमें डीजल व पेट्रोल दोनों शामिल है। बुधवार को जब पंप पर तेल के लिए लोगों की भीड़ जुटी और वाहन व गैलन, ड्रम में तेल भरवाने की होड़ से हालात बिगड़ने लगे। शाम होते ही पेट्रोल पंप को बंद करना पड़ गया। यह हाल दूसरे दिन बृहस्पतिवार को काफी मुश्किल रही। बताया कि जहां पहले पंप से 10 हजार लीटर की बिक्री थी वह शुक्रवार को चार गुना बढ़कर करीब 40 हजार लीटर तक पहुंच गई। ऐसे में पेट्रोल पंप का ड्राई होना स्वाभाविक है।
एनएच 28 के किनारे तमाम पेट्रोल पंपों पर तेल के अभाव में सन्नाटा पसरा हुआ था तो जहां तेल था वहां ग्राहकों की भीड़ जुटी हुई थी। शुक्रवार दोपहर बाद हेतिमपुर में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर लोग गाड़ी आने का इंतजार करते देखे गए। जबकि यहां पर पंप तक कोई सीधे न पहुंच पाए रस्सी बांधकर रोका गया था। वहीं, डीजल व पेट्रोल नहीं है कि बोर्ड लटका दिया गया था। पेट्रोल पंप पर तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर शाम ही पंप ड्राई हो गया था। गाड़ी गई है,कब आएगी यह सुनिश्चित नहीं है। वहीं,यहां तेल के इंतजार में क्षेत्र के लोगों के अलावा बाइक चालक मौजूद रहे। इस दौरान बातचीत में तेल के लिए मौजूद लोगों की कुछ इस तरह रही प्रतिक्रिया।
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पंप पर तेल के लिए पहुंचे ग्राहक बोले
सुबह 9:0 बजे से ही आया हूं। करीब तीन घंटे बीत चुके हैं। इसके पहले हाटा व टेकुआटार में संचालित पेट्रोल पंप पर 500 रुपये के पेट्रोल के लिए गया था, लेकिन वहां नो स्टॉक का बोर्ड लगा हुआ था। इसके बाद वहां से लौटकर यहां आए हैं। अभी घंटों इंतजार करने के बाद भी मिलने की उम्मीद कम ही प्रतीत हो रही है। -गेंदा लाल, लालीपार
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7-8 लीटर पेट्रोल के लिए सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों की परिक्रमा कर चुका हूं। अब तक कहीं पर नहीं मिल पाया है। यहां पर करीब दो घंटे से बैठकर गाड़ी आने का इंतजार कर रहा हूं। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब तीन बजे गाड़ी आएगी। मजबूरी में इंतजार करना ही पड़ेगा। -अनिरुद्ध सिंह, हेतिमपुर
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अफवाहों के बीच सुकरौली पंप पर लगी भीड़
सुकरौली। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह के चलते तीसरे दिन शुक्रवार को भी ईंधन की खरीदारी के लिए लोगों ने सुबह से ही पहुंचकर वाहनों व गैलन में भरवाने के लिए कतार में लग गए थे। इससे पंप पर अव्यवस्था का माहौल हो गया। पंप के संचालक वरुण जायसवाल ने तेल की कोई कमी नहीं है, इसके लिए डीजल से भरे टैंकर को परिसर में ही खड़ा दिया। उन्होंने लोगों से अपील किया कि पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इससे कुछ समय बाद स्वत: भीड़ कम हो गई।
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पुलिस की मौजूदगी में मिला तेल
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र में तीसरे दिन शुक्रवार को भी तेल के लिए पेट्रोल पंपों पर मारामारी मची रही। नायरा कंपनी के पेट्रोल पंप पर टंकी पर हंगामे के बाद सेवरही पुलिस ने पहुंचकर मोर्चा संभाली,तब जाकर तेल की आपूर्ति शुरू हुई। वहीं, तीरथ पेट्रोल पंप और भारत पेट्रोलियम के पंप तेल नहीं से ड्राई हो गया था। इसके चलते यहां सन्नाटा पसरा रहा।
सेवरही में पेट्रोल पंप पर तेल के लिए उमड़ी भीड़।संवाद
सेवरही में पेट्रोल पंप पर तेल के लिए उमड़ी भीड़।संवाद
सेवरही में पेट्रोल पंप पर तेल के लिए उमड़ी भीड़।संवाद