कुरमौल उर्फ सोहनपुर स्थित मेसर्स हमारा पंप उमेश फ्यूल्स (एचपीसीएल डीलर) की जांच करते डीएसओ कृष्
कुशीनगर। पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के एक पेट्रोल पंप पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जांच में स्टॉक में कमी और आपूर्ति बनाए न रखने की पुष्टि हुई है।
डीएसओ कृष्ण गोपाल पांडेय ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बने। इसके लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। बृहस्पतिवार को कुरमौल उर्फ सोहनपुर स्थित मेसर्स हमारा पंप उमेश फ्यूल्स (एचपीसीएल डीलर) की जांच की गई। इस दौरान पंप पर प्रबंधक राहुल सिंह मौजूद मिले। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत किया। जांच में सामने आया कि पांच मार्च को 8000 लीटर पेट्रोल और 4000 लीटर डीजल की आपूर्ति हुई थी, जिसके बाद कोई नई खेप नहीं आई।
ऑटोमेशन रिपोर्ट में भी टैंक क्षमता के सापेक्ष पेट्रोल और डीजल का स्टॉक बेहद कम पाया गया। मौके पर दोनों डिस्पेंसिंग यूनिट बंद मिलीं, जिससे उपभोक्ताओं को ईंधन नहीं मिल पा रहा था। प्रबंधक ने आपूर्ति बाधित होने का कारण तेल कंपनियों द्वारा क्रेडिट सुविधा बंद किया जाना बताया। पंप मालिक अशोक कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की। हालांकि प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि पर्याप्त स्टॉक न रखना नियमों का उल्लंघन है। इससे लोगों को परेशानी के साथ-साथ अफवाहों को भी बढ़ावा मिलता है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश हाई स्पीड डीजल और लाइट डीजल ऑयल आदेश 1981 का उल्लंघन है। इसी आधार पर लाइसेंस संख्या 177/2022 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने निलंबित लाइसेंसी को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए चेताया कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।