पडरौना। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर हालात इस कदर भयावह हो चुके हैं कि लोग सड़क पर साड़ और कुत्तों को देखकर रास्ता बदलने दे रहे हैं। कुत्तों के झुंड राहगीरों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि सुबह-शाम पैदल चलना अब जोखिम भरा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार आंख बंद किए बैठे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका और संबंधित विभाग अब तक ठोस इंतजाम करने में नाकाम रहे हैं। शहर में लगातार कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। बुजुर्गों को दौड़ा-दौड़ा कर काटा जा रहा है, बच्चे डर के साए में स्कूल जाने को मजबूर हैं, वहीं महिलाएं और राहगीर झुंड देखकर सड़कों पर रुक जाते हैं। पडरौना नगर पालिका ने जमीन की तो व्यवस्था कर लिया है, लेकिन शेल्टर हाउस के लिए बजट नहीं है।
नगर पालिका द्वारा कुत्तों के लिए जमीन खरीदे जाने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो शेल्टर बने, न ही नसबंदी और नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी हो सकी। कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हमलों की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है।14 दिसंबर नगर पालिका पडरौना शहर के कन्नौजिया वार्ड पूर्वी मोहल्ले में 50 वर्षीय दिव्यांग शालिक को साड़ ने पटखकर मार डाला था। नगर पालिका की ओर से ऐसे साड़ को कोप जंगल, नहीं तो बछड़ों को कान्हा गोशाला में पकड़कर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन दिव्यांग की जान लेने वाला साड़ अभी भी शहर में घूम रहा है। इसे देखते हुए लोग रास्ता बदल दे रहे हैं। इसके अलावा रामकोला रोड, कोतवाली रोड, जटहा रोड, कठकुईया मोड़, छावनी मं छुट्टा पशुओं का जमावड़ा सड़क पर कभी भी देखा जा सकता है।
इसके अलावा कुत्तों का झुंड भी शहर के प्रमुख सड़कों के अलावा मोहल्लों में सक्रिय हैं। इसके अलावा कसया नगर पालिका परिषद के वार्ड नं. 26 अमिय त्रिपाठी नगर में सात जुलाई को एक मकान के गेट के बाहर खड़े पांच साल के अनिक को कुत्ते घसीटते हुए सड़क पर खींच ले गए और नोंचने लगे।
पड़ोस में रहने वाली नैंसी ने कुत्तों के झुंड के बीच घिरे बच्चे को सीसीटीवी में देखा तो दौड़कर पहुंचीं और उसकी जान बचाई। वहीं मथौली, बोदरवार, पिपकरा कनक,जौरी बाजार क्षेत्र में कुत्तें तीन माह के अंदर 50 से अधिक लोगों पर हमला कर चुके हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो स्थायी समाधान निकाला गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई इससे लोगों में आक्रोश है।