पडरौना। एनएचएम से हुई खरीदारी और अन्य कार्यों का आनन-फानन में भुगतान का माममला सामने आया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से सीएचसी, पीएचसी पर खरीदारी के अलावा निर्माण कार्य का करीब दो करोड़ रुपये का कार्य रिटायर्ड हो चुके सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया के कार्यकाल में कराया गया था। इसमें गैर जिले के एक पूर्व विधायक के फर्म पर पूरा कार्य कराया गया है। धांधली की शिकायत पर तत्कालीन डीएम ने जांच का निर्देश दिया था। इसके बाद भुगतान पर रोक लग गया था। बाद में डॉ. अल्पनारानी गुप्ता और डॉ. अनुपम भास्कर के कार्यकाल में भी ठेकेदार ने भुगतान कराने का दबाव बनाया, लेकिन सफल नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक का भाई पूरे दिन एनएचएम बाबू के पास जमा रहा और करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान के लिए बिल तैयार किया गया। जिले के सीएचसी, पीएचसी के अलावा प्रधानमंत्री आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर उपकरणों की खरीदारी तथा निर्माण कार्यों में गैर जिले के एक पूर्व विधायक के फर्म पर दो करोड़ से अधिक रुपये की खरीदारी व निर्माण कार्य कराया था।
तत्कालीन डीएम विशाल भारद्वाज ने सीएमओ कार्यालय में अचानक पहुंचकर जांच की तो रिटायर्ड सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ड्यूटी से गायब मिले और निजी अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के नाम पर आलमारी में फाइलें बंद मिलीं। जांच के दौरान पता चला कि एनएचएम से की गई उपकरण खरीदारी और निर्माण में धांधली का मामला सामने आया था।
उस समय भुगतान पर तत्कालीन डीएम ने रोक लगा दिया था और जांच का निर्देश दिया था। इसके बाद से भुगतान दो सीएमओ आए किसी ने नहीं किया, लेकिन कार्यवाहक सीएमओ बने डॉ. ब्रजनंदन ने जांच के घेरे में आए एनएचएम से कराए गए कार्यों का भुगतान करना शुरू कर दिया है। पूरे दिन पूर्व विधायक का भाई सीएमओ कक्ष से लेकर एनएचएम बाबू के कक्ष में जमा रहा। बताया जा रहा है कि कमीशन के खेल में आनन-फानन में भुगतान फर्म को किया जा रहा है।