पडरौना। तीसरे चरण में शनिवार को कसया, हाटा, मोतीचक और सुकरौली ब्लॉक में मतदान हुआ। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए हुए मतदान में पटनी गांव में फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने हंगामा किया। वहां आधे घंटे तक मतदान ठप रहा।
वहां पहुंचकर सेक्टर मजिस्ट्रेट और सीओ ने लोगों को शांत किया। कसया ब्लॉक के कोल्हुआ गांव में बूथ छोड़कर एक प्रत्याशी के घर बैठे सुरक्षाकर्मियों पर भी लोगों ने नाराजगी व्यक्त की।
प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार सुरक्षाकर्मियों पर प्रत्याशी के घर भोजन करने का भी आरोप लगा रहे थे। हाटा के बाघनाथ में मतदान केंद्र के बूथ की दीवार पर लगे प्रत्याशियों के पोस्टर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते देखे गए तो कसया ब्लॉक के झुंगवा में पोलिंग बूथ के अंदर तक एक प्रत्याशी की बार-बार दखल को लेकर लोगों में तनातनी हो गई। उधर मोतीचक ब्लॉक के एक बूथ पर तैनात पीठासीन अधिकारी को दिल का दौरा पड़ गया।
वह बूथ पर ही बेहोश होकर गिर पडे़। उन्हें अधिकारियों ने तुरंत इलाज के लिए गोरखपुर भेजवाया और दूसरे पीठासीन अधिकारी की व्यवस्था की गई।
इस दरमियान आधे घंटे तक मतदान ठप रहा। कुछ ऐसे भी बूथ रहे, जो मतदाताओं के गांव से आठ से दस किलोमीटर दूर थे। मतदाताओं को नदी पार करके जाना पड़ा।
तीसरे चरण में शनिवार को कसया, हाटा, मोतीचक और सुकरौली ब्लॉक में मतदान हुआ। कसया में जिला पंचायत सदस्य के चार पदों के लिए 57 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 90 पदों के सापेक्ष 513 प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान कराने के लिए 756 पीठासीन और प्रथम मतदान अधिकारी ड्यूटी पर लगाए गए थे।
हाटा ब्लॉक जिला पंचायत के चार और बीडीसी सदस्य के 101 पदों के लिए 472 प्रत्याशी मैदान में थे। मोतीचक ब्लॉक में जिला पंचायत के सदस्य चार और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 99 पदों के लिए क्रमश: 53 एवं 435 उम्मीदवार मैदान में थे।
सुकरौली ब्लॉक में जिला पंचायत के चार और बीडीसी सदस्य के 95 सीटों के लिए 566 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, जिनका भाग्य शनिवार की शाम को मतपेटियों में बंद हो गया।