पडरौना। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस से उतारने के बाद इमरजेंसी तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं उपलब्ध हो पा रहा है, घायलों को लोगों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को दोपहर में करीब आठ मरीज सीएचसी से रेफर होकर इमरजेंसी में पहुंचे, किसी को भी स्ट्रेचर नहीं मिला। इस दुर्व्यवस्था को मरीजों के साथ आए लोग कोसते नजर आए।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी पर आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर से एंबुलेंस के पास से रिसीव करने के लिए वार्ड ब्वाय की ड्यूटी रहती है। अगर वार्ड ब्वाय नहीं है तो स्ट्रेचर वहां पर रहना चाहिए, ताकि उसको तत्काल इलाज मिल सके, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
खड्डा निवासी 75 वर्षीय परमी देवी को लेकर परिजन तुर्कहा सीएचसी से रेफर होने के बाद एंबुलेंस से लेकर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी पर दिन में करीब एक बजे पहुंचे। सांस लेने में बुजुर्ग महिला को परेशानी हो रही थी। घर वालों ने प्रयास किया, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला तो महिला को गोद में उठाकर इलाज के लिए इमरजेंसी में ले गए। कुछ देर बाद कसया थाना क्षेत्र के कुड़वा दिलीप नगर निवासी 21 वर्षीय सुजीत कुशवाहा सड़क हादसे में घायल हो गए। परिजन उनको लेकर कसया सीएचसी पर पहुंचे, पैर में अधिक चोट होने के कारण मेडिकल कॉलेज डॉक्टरों ने रेफर कर दिया।
एंबुलेंस से इमरजेंंसी के बाहर पहुंचे, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिलने पर साथ में आए परिवार के लोग गोद में उठाकर इलाज के लिए अंदर ले गए।