बाढ़ प्रभावित गांवों की कई पुलिया क्षतिग्रस्त, राहगीर परेशान
बरसात बीतने के चार महीने बाद भी नहीं हुई पुलिया और सड़कों की मरम्मत
खड्डा (कुशीनगर)। बाढ़ प्रभावित खड्डा क्षेत्र के गांवों में जाने वाली सड़कों और पुलिया की स्थिति अब तक नहीं सुधरी। जबकि बरसात बीते चार महीने हो चुके हैं। ऐसे में लोगों को बांस की चचरी बनाकर उस रास्ते जाना-जाना पड़ रहा है। भारी वाहनों को ले जाने में ज्यादा परेशानी होती है।
गंडक नदी के उस पार खड्डा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मरचहवा, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर सहित दस गांवों की करीब 40 हजार आबादी इन बाढ़ प्रभावित गांवों में रहती है। हर साल बाढ़ आने पर सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। पिछली बरसात में भी इन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया था। सड़कें और पुलिया भी पानी में डूब गई थीं। बसंतपुर से मरचहवा दक्षिण टोला जाने के लिए बनी सड़क करीब आधा किमी बाढ़ के पानी में बह गई थी। वहां अब तक पानी भरा हुआ है।
चार महीने गुजर जाने के बाद भी न सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो ग्रामीण बांस की चचरी (बांस का पुल) बनाकर उससे आ-जा रहे हैं। इस पर छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं भी गुजरती हैं। इसी सड़क पर एक पुलिया बनाई गई थी, जो ध्वस्त होकर टेढ़ी हो गई है। बसंतपुर एवं मरचहवा गांव के लोगों के लिए निचलौल तहसील क्षेत्र के सोहगीबरवां गांव जाने के लिए सड़क बनी है। उस पर स्थित पुलिया भी बाढ़ में ध्वस्त हो गई है। बसंतपुर गांव के पश्चिम और शिवपुर एवं सोहगीबरवां को जोड़ने वाली सड़क के तिराहे पर बनी पुलिया भी आवागमन के लायक नहीं बची है। सोहगीबरवां से शिवपुर सड़क और पुलिया भी बाढ़ के प्रकोप से बच नहीं सकी है।
मरचहवा व बसंतपुर गांव के जवाहिर, नंदू, कन्हैया, बाबूलाल, लालू, चंद्रिका, नथुनी आदि ने बताया कि हर वर्ष परेशानी झेलनी पड़ती है। अब तक सड़क और पुलिया की मरम्मत नहीं हो पाई है। इस संबंध में खड्डा के बीडीओ राजीव मोहन त्रिपाठी ने बताया कि करीब एक माह पूर्व चार्ज लिया हूं। क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण कर संबंधित सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान से चर्चा की जाएगी। उसके बाद इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।