पडरौना। रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें बस स्टैंड पर बैठकर घंटों तक बस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही वह अब समय से ही बस पकड़ने के लिए पहुंच सकेंगे। ट्रेनों की तर्ज पर रोडवेज बसों की भी लाइव लोकेशन लोग जान सकेंगे। इसके लिए यूपी मार्गदर्शी एप बनाई गई है, जिसकी मदद से बसों की लाइव लोकेशन ट्रेस की जा सकेगी।
यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आपके गंतव्य तक जाने वाली यूपी रोडवेज की बस कहां है और कब तक स्टेशन पर पहुंच जाएगी। इसके लिए यह एप मददगार बनेगी। पूछताछ काउंटर पर जाकर बार-बार पूछने के बजाए आप अपनी बस की लोकेशन आसानी से पता कर सकेंगे। इससे लोगों को अपनी पसंदीदा बस के छूटने का डर नहीं रहेगा।
सिर्फ बस नंबर जरूरी
रोडवेज की बसों की समय-सारणी और उसकी जानकारी को लेकर यात्रियों और उनके परिजनों में भ्रम की स्थिति रहती है। मन में शंका बनी रहती हैं कि बस कब आएगी और कब तक अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। इसके समाधान के लिए विभाग ने यूपी मार्गदर्शी एप बनाया है। इस एप के जरिए लोग बस की लोकेशन जान सकेंगे। क्योंकि, बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाया जा चुका है। इससे बसों के आने और जाने की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए आपको सिर्फ बस के नंबर की जरूरत पड़ेगी, जिसे एप में डालते ही आपको बस की रियल टाइम लोकेशन दिखने लगेगी। पडरौना डिपो में संचालित हो रही कुल 25 निगम और 18 अनुबंधित समेत कुल 43 बसें हैं। इसमें से अनुबंधित की 18 और निगम की 13 बसों में यह डिवाइस लगाया जा चुका है।
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गुजरात मॉडल पर हुआ कार्य
यह कार्य गुजरात मॉडल पर हुआ है। गुजरात सरकार की तरफ संचालित हर बसों में जीपीआरएस सिस्टम लगाया गया है। इसकी वजह से यहां बसें समय से संचालित होती है। यहां बस यदि देर भी होती हैं, तो अधिकतम पांच से 10 मिनट के लिए होती हैं। इस डिवाइस को बस में लगाने का खर्च 5,000 रुपये आ रहा है। यदि बाद में डिवाइस खराब हो जाती है, तो इसे बदलने का कार्य किया जाएगा।
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बसों में वीएलटीडी लगाया गया है। वर्तमान में मंडल में 43 बसें हैं। इनमें 31 बसों में यह डिवाइस लग चुका है। इससे लोगों को बहुत सहूलियत मिलेगी। बसों की जानकारी मिल पाएगी।
- सर्वजीत वर्मा, प्रभारी एआरएम, कुशीनगर।