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Kushinagar News: बसहिया से संचालित होता है पशु तस्करी का नेटवर्क...तुर्कपट्टी भी कम बदनाम नहीं

Sat, 28 Dec 2024 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। पशुओं की तस्करी कर मोटी रकम कमाने वाले बदमाशों का नेटवर्क पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बसहिया गांव से संचालित होता है। गोरखपुर में पशुओं को ले जाने के दौरान उत्पात मचाने वालों में बसहिया गांव के तस्कर भी शामिल थे। कोतवाली पुलिस की टॉप-10 सूची में पांच से अधिक पशु तस्करों हैं। इतना ही नहीं एक ही गांव में तस्करी करने वाले 11 बदमाश थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। तस्करों का पौ इतना भारी है फरार पशु तस्कर को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इसमें एक दरोगा और दो सिपाहियों को चोटें आईं थी। उनकी बाइक भी तोड़ दी गई थी।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो बसहिया गांव से जुड़े तस्करों का नेटवर्क पूरे जिले में संचालित होता है। यहां से बिहार नजदीक होने से पशु आसानी से बिहार भेज दिए जाते हैं। दूसरी ओर पशु तस्करी में इनकी संलिप्तता की पुख्ता तस्दीक पुलिस के रिकाॅर्ड भी कर रहे हैं, जिसमें इस गांव के 11 पशु तस्कर हिस्ट्रीशीटर हैं। इसके अलावा पुलिस की टॉप-10 सूची में भी इनके नाम हैं। पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, शामली, मुरादाबाद आदि स्थानों से आने वाली पशुओं से भरी कंटेनर को गोरखपुर के आसपास के इलाकों में उतारकर पिकअप से बिहार में दाखिल कराया जाता है। सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के एक संगठित गिरोह के कुछ तस्करों को यह जिम्मेदारी मिलती है। यह तस्कर पिकअप से गोरखपुर व अन्य स्पॉट पर पहुंचकर पशुओं को लादते हैं और उन्हें बिहार में दाखिल करा देते हैं।
इसके अलावा बसहिया से कुछ ही दूर पर बिहार पश्चिम चंपारण के बगहा का मधुबनी प्रखंड शुरू हो जाता है। यहां से भी पशुओं को बिहार में दाखिल करा दिया जाता है। इधर, कुबेरस्थान में भी तस्करों की भरमार है जो कठकुइयां के रास्ते पशुओं की तस्करी करते रहे हैं। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र का छहूं और पांडेय बसडीला में भी तस्करी के टॉप हिस्ट्रीशीटर शामिल रहे हैं, जिनपर पूर्व में पुलिस ने संपत्ति जब्त और कुर्की की कार्रवाई की थी। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती तरयासुजान और तमकुही राज के इलाके में भी कई ऐसे तस्कर हैं, जो पशुओं को सीमा पार कराकर बिहार भेजने की जिम्मेदारी लेते हैं।
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यूपी बिहार सीमा पर स्थित बलथरी चेकपोस्ट पर तकनीकी टीम के अत्यधिक सक्रिय होने से अधिकांश पशु तस्करों की गाड़ी उन इलाकों से बिहार में दाखिल होती है, जहां से पगडंडी हो या फिर सड़क व्यस्त न हो, उस राह को अपनाते हैं और वह किसी तरह लोगों के आंखों से ओझल होते हुए बिहार में दाखिल हो जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक बिहार में निर्धारित जगहों पर पशुओं को पहुंचाते ही इन्हें रकम मिल जाती है और यहां से पशु बिहार के अलग-अलग बाजारों के साथ बंगाल भेज दिए जाते हैं। बसहिया गांव के अधिकांश युवक पशु तस्करी के धंधे से जुड़े हैं। छुट्टा पशुओं को भी इस गांव में इक्का कर मालवाहनों से लादकर बिहार भेजा जाता है। अधिकांश हिस्ट्रीशीटर अभी जेल की सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इनके पशु तस्करी के धंधे पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। वह बदस्तूर जारी है।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पशु तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इनके नेटवर्क में शामिल लोगों की गोपनीय सूची तैयार कराई जा रही है। गैरकानूनी धंधे में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।

पशु तस्करी के लिए बदनाम रहा है तुर्कपट्टी का इलाका

-बसहिया के अलावा पशु तस्करी के लिए तुर्कपट्टी का इलाका काफी संगीन रहा है। इस थाना क्षेत्र के छहूं, बसडिला में ऐसे तस्कर रहे हैं, जिनकी संपत्ति पुलिस ने जब्त करने के साथ उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली है। इसके अलावा सीमावर्ती तमकुहीराज और तरायासुजान थाना क्षेत्र में भी पशु तस्करों का एक बड़ा रैकेट सक्रिय है जो आसानी से पशुओं को बिहार भेज देता हैं। इन पर कार्रवाई न होने से दरभंगा, मुजफ्फरपुर आदि बिहार के जगहों पर बैठे सरगनाओं को यह खूब भाते हैं और वह इनसे लगातार काम ले रहे हैं। जटहां बाजार का रहने वाला जवाहिर यादव फिलहाल जेल में बंद हैं, लेकिन इसका नेटवर्क गोरखपुर से लेकर बिहार तक फैला है।


पशु तस्करों का सरगना है रियाज उर्फ ननकी
- पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनबीरपुर गांव निवासी रियाज उर्फ ननकी गोतस्कर है। कई बार पुलिस उसे गिरफ्तार चुकी है। कुछ दिन पहले इसके खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इस मामले में आरोपी फरार चल रहा था। कोतवाली के तत्कालीन दरोगा अनुराग शर्मा, सिपाही रितेश कुमार राय, संदीप र्मार्या, हरिराम यादव, प्रवीण कुमार और विवेक कुमार बाइक से आरोपी के घर 15 मार्च 2024 को दबिश दी थी। पुलिस को दरवाजे पर देखकर आरोपी खेतों के रास्ते भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया। अनुराग शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने रियाज उर्फ ननकी, सरताज, रिजवानुल हक, रुखसाना, सदरुल के साथ घर के 12 अज्ञात सदस्यों, गांव के अज्ञात 20 लोगों पर पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, तोड़फोड़ समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि गैंगस्टर के आरोपी को जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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इन इलाकों से दाखिल होते हैं पशु तस्कर



- कुबेरस्थान होते हुए कठकुइयां के रास्ते पश्चिम चंपारण

- पडरौना, खिरकिया के रास्ते बांसी मधुबनी

- दुदही, भीतहां के रास्ते रतवल
- तमकुही रोड के रास्ते मलाही टोला होते हुए ठकराहां, जगीरहां पश्चिम चंपारण

- तमकुही राज रामकोला चट्टी होते हुए पंचदेवरी गोपालगंज

- तमकुही राज लतवा चट्टी होते हुए गोपालगंज

- फाजिलनगर बनकटा होते हुए कटेया

- तमकुही राज समउर बाजार होते हुए गौरा कटेया
- कनक पिपरा होते हुए पंचदेवरी, जमुनहा

- नेबुआ नौरंगिया होते हुए पनियहवा,मदनपुर पश्चिम चंपारण

- खड्डा होते हुए वाल्मिकीनगर पश्चिम चंपारण
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