पडरौना। तत्कालीन सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने सेवानिवृत्ति के दिन दस आउटसोर्स वर्करों की नियुक्ति कर दी। जांच में इसका खुलासा होने के बाद डीएम ने नियुक्ति को निरस्त कर दिया है। उन्होंने दोबारा नियमानुसार नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। नियुक्ति में गड़बड़ी करने वाले तत्कालीन सीएमओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। डीएम ने एक साल से बिना मानदेय काम कर रहे वर्करों के भुगतान का निर्देश दिया है।
बताया जाता है कि कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे तत्कालीन सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया नेअपने कार्यकाल के अंतिम दिन 28 फरवरी 2025 को फर्जी तरीके से अपने दस चहेतों को नियुक्ति कर दिया। बाद में यह मामला प्रकाश में आया। शिकायत के आधार पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव को जांच के लिए निर्देश दिए। इस दौरान वर्कर सीएमओ कार्यालय में बिना मानदेय का कार्य करते रहे। डीएम की ओर से कराई गई जांच में पता चला कि नियम को दरकिनार कर सात सफाईकर्मी और तीन डाटा ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति की गई है। डीएम ने तत्काल प्रभाव से नियुक्ति को निरस्त करते हुए तत्कालीन सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सीएमओ को वर्करों को मानदेय देने के भी निर्देश दिए हैं। इन पदों पर दोबारा भर्ती नियमानुसार की जाएगी। इन वर्करों की भर्ती सही हुई थी या गलत, इस पेसोपेश में सीएमओ पड़े थे और मानदेय के लिए वर्कर दबाव डाल रहे थे।
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वर्करों की आउटसोर्सिंग से जो नियुक्ति हुई थी, उसमें कई मानकों को पूरा नहीं किया गया था। शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में इसकी जानकारी हुई। तत्काल प्रभाव से नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है। दोबारा नियमानुसार नियुक्ति कराई जाएगी। जो वर्कर काम किए हैं, उनके काम के अनुसार मानदेय देने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं। -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम कुशीनगर