स्कूल संचालकों को भेजा गया नोटिस
जिलाधिकारी की बैठक में नहीं हुए थे शामिल
7642 वाहनों का किया जाएगा अधिग्रहण
पडरौना। विधानसभा चुनाव में वाहनों के अधिग्रहण के लिए परिवहन विभाग ने नोटिस भेजा था, लेकिन ज्यादातर विद्यालय संचालकों ने स्कूल बंद होने के चलते वाहनों की कंडीशन ठीक नहीं होने की बात कहते हुए संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। डीएम ने इसे लेकर बैठक बुलाई तो उसमें भी शामिल नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने उन्हें नोटिस भेजा है।
विधानसभा चुनाव में बूथों पर तैनात मतदान कार्मिकों को ले आने ओर ले जाने के लिए परविहन विभाग ने 13 से 56 सीट वाले 678 स्कूल बस, सात से 12 सीट क्षमता वाले 524 स्कूल वैन, 240 रूट की बसें, 734 मैक्सी कैब, 1075 ट्रक, 4185 बोलेरा और 204 स्कार्पियो समेत कुल 7642 वाहनों को अधिग्रहण के लिए वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा है। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूलों बंद होने से अधिकांश स्कूलों के बस चालक लंबे समय से अवकाश पर हैं। इसके चलते ये स्कूल वान स्कूल परिसर में ही खड़े हैं। काफी अधिक समय से स्कूल परिसर में खड़े रहने से स्कूल वाहनों में तरह-तरह की खराबी आ गई है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए परिवहन विभाग ने डीएम के निर्देश पर सभी वाहन स्वामियों को अधिग्रहण की नोटिस भेजा है। इसके लिए बीते जनवरी माह में कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में जिले के स्कूल संचालकों की बैठक हुई थी, लेकिन जिले के कुछ ही स्कूल संचालक इस बैठक में शामिल हुए थे।
एआरटीओ मोहम्मद अजीम ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी मतदान कार्मिकों को बूथ तक पहुंचने और मतदान समाप्त होने के बाद वापस लाने के लिए 7642 वाहनों को अधिग्रहण करने की नोटिस दी गई है। नोटिस के बाद कई स्कूल संचालकों ने संतोषजनक जबाब नहीं दिया है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में स्कूल संचालकों की बैठक भी बुलाई गई थी। इसमें भी कई स्कूल संचालक अनुपस्थित रहे थे। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर उन्हें नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है।