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Kushinagar News: सीएचसी में महिला डॉक्टर नहीं, मेडिकल कॉलेज जाना मजबूरी

Wed, 05 Feb 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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- खड्डा क्षेत्र के तुर्कहा सीएचसी का हाल, बेहोशी के डॉक्टर की कर दी गई है तैनाती, गर्भवतियों का नहीं होता ऑपरेशन
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- नदी पार के गांव वाले पहुंचते हैं इलाज के लिए, जिला मुख्यालय से दूरी अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
खडडा। खडडा क्षेत्र के तुर्कहा सीएचसी पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। मजबूरी में इलाज के लिए महिलाओं को मेडिकल कॉलेज कुशीनगर जाना पड़ता है। अधिक दूरी के कारण किराया अधिक लगता है। इसके चलते अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों की ओर रूख कर लेते हैं। प्रसव के दौरान दिक्कत होने पर पुरुष डाक्टर से दिखाना पड़ता है।
तीस बेड के तुर्कहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व खडडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 50 हजार की आबादी निर्भर है। गंडक नदी पार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मरीज भी यहां आते हैं, लेकिन यहां पर महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर तैनात नहीं हैं। कुछ दिनों के लिए डाॅक्टर शुबधा की तैनाती थी, लेकिन उनका स्थानांतरण हो गया है। इस अस्पताल में गर्भवतियों का ऑपरेशन नहीं होता है।
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शिवपुर गांव की शिवकली ,अहिरौली गांव की ममता देवी इलाज के लिए तुर्कहा सीएचसी पहुंची थीं, लेकिन महिला डाॅक्टर नहीं होने के चलते इन्हें कुशीनगर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। मरीजों ने बताया कि दूरी अधिक होने के कारण किराया अधिक लग जाता है और शाम को वहां से आने के लिए कोई साधन नहीं मिलता है। इस लिए मजबूरी में निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। प्रसव के दौरान अगर गंभीर मरीज पहुंचते हैं तो पुरुष डाॅक्टर देखने के बाद रेफर कर देते हैं।
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वहीं प्रद्युम्न तिवारी, राजन पांडेय, संतोष जायसवाल, यादोलाल साहनी, सरतेज यादव, सेराज अहमद ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की अविलंब तैनात करने की मांग की है।

कोट
सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। अभी कोई तैनाती नहीं है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
- डाॅ. पीएन गुप्ता, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, तुर्कहा
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