पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम की अध्यक्षता में सराफा व्यापारियों की बैठक हुई। इसमें खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता को देखते हुए देशहित में विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा लोगों से आगामी एक वर्ष तक सोने की खरीद एवं बिक्री कम करने की अपील का पहल करते हुए इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की बात कही गई।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। सराफा व्यापारी ग्राहकों तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाएं, जिससे आमजन किसी प्रकार के भ्रम न हो। उन्होंने कहा कि जहां भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो, उसके संबंध में बैठक कर तत्काल दूर किया जाए। डीएम ने कहा कि खाड़ी युद्ध के चलते कच्चे तेल के आयात में कठिनाइयां उत्पन्न हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में वृद्धि से देश को अत्यधिक विदेशी मुद्रा व्यय करनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में विदेशी मुद्रा के अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण आवश्यक है।
व्यापारियों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि वह प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की अपील के साथ पूर्णतः खड़ा हैं। प्रधानमंत्री ने केवल बुलियन, गोल्ड बार एवं ठोस सोने की खरीद को कुछ समय के लिए टालने की अपील की है, जबकि सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। बैठक में व्यापारियों ने ठोस सोना, सोने के सिक्के एवं गोल्ड बार की बिक्री के बजाय जरूरत के अनुसार घरेलू बाजार में आभूषणों की खरीद-बिक्री को प्रोत्साहित करने की सलाह दी, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार का सकारात्मक एवं गुणात्मक उपयोग हो सके। व्यापारियों ने स्वर्ण कारीगरों के हित में कोई वैकल्पिक व्यवस्था, जैसे स्वर्णकला बोर्ड का गठन करने की सलाह दी, ताकि कारीगरों को सहायता एवं रोजगार संरक्षण मिल सकेगा।
इस दौरान एसपी केशव कुमार, उपायुक्त राज्य कर राजेश कुमार यादव, विकास विक्रम सिंह, डॉ. जितेन्द्र कुमार, अमित, सरिता यादव, सुरेश, अजय गुप्ता, अंशुमान बंका, अमित वर्मा, संतोष वर्मा, सचिन चौरसिया, आरजी गुप्ता, नवीन सिंघानिया आदि मौजूद रहे।