कुशीनगर। किशोरी शब्बा की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़ों को ट्रेन में ठिकाने लगाने वालों में शामिल उसकी बुआ और फूफा के घर के समीप पुलिया किनारे गड्ढे में खोपड़ी फेंकी गई थी।
बृहस्पतिवार को पडरौना कोतवाली क्षेत्र के कुरमौल उर्फ सोहनपुर गांव में खेत की जोताई के दौरान मानव खोपड़ी मिलने से मामले में नया खुलासा हो रहा है। मौके से कुछ दूरी पर खून सनी पीले और काले रंग की पॉलिथीन के साथ सिर के बाल भी बरामद हुए हैं। सूचना पर लखनऊ जीआरपी के सीओ अमित सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपी बिग्गन के बहनोई ने सिर को घर के पास फेंकने की बात कबूल की थी। अब कोतवाली पुलिस खोपड़ी की डीएनए जांच कराकर रिपोर्ट जीआरपी लखनऊ को भेजेगी। सेवरही थाना क्षेत्र के पिपराघाट मुस्तकिल गांव के टोला जयपुर निवासी बिग्गन की 15 वर्षीय बेटी शब्बा का दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम संबंध था।
इससे नाराज होकर बिग्गन ने अपनी बहन नूरजहां और बहनोई मुजबुल्लाह के साथ मिलकर 16 मई की रात घर में धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी।
आरोप है कि हत्या के बाद शव के छह टुकड़े किए। पुलिस के अनुसार, धड़ को बैग में रखकर एक बॉक्स में बंद किया गया और ई-रिक्शा से तीनों आरोपी तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। रात में आई छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में बॉक्स रखकर एसी बोगी के दरवाजे से उतर गए।
अगले दिन 17 मई की सुबह लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर सफाई के दौरान बॉक्स से किशोरी का छह टुकड़ों में धड़ बरामद हुआ था। चारबाग जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंच गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस दो दिन तक किशोरी का सिर ढूंढ़ती रही।
बृहस्पतिवार को जीआरपी सीओ टीम के साथ सेवरही पहुंचे थे। इस दौरान बिग्गन के बहनोई के घर से आधा किमी दूरी पर एक खेत की जोताई के दौरान मानव की खोपड़ी मिली।
कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली पुलिस की सूचना पर जीआरपी सीओ भी पहुंच गए। जहां खोपड़ी मिली थी, वहां से कुछ दूरी पर खून से सनी काले और पीले रंग की दो पाॅलिथीन व सिर का बाल भी पुलिस ने बरामद किया है।