पडरौना। तहसील सभागार में मंगलवार को एसडीएम की अगुवाई में बैठक कर राजस्व कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की गई। जनता दर्शन से जुड़े मामलों के निस्तारण की स्थिति खराब पाई गई। समीक्षा में 25 मई तक के कुल 407 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण हुआ ही नहीं, सभी मामले लंबित पड़े हैं। संबंधित राजस्व निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
एसडीएम आशुतोष कुमार ने अपने-अपने क्षेत्रों में लेखपालों के कार्यों का प्रभावी पर्यवेक्षण नहीं करने और शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने का जिम्मेदार मानते हुए राजस्व निरीक्षक हरिशंकर सिंह, श्रीनिवास सिंह, अशोक सिंह, बलराम कुशवाहा, कन्हैया प्रसाद व शंभू दयाल सिंह के खिलाफ स्पष्टीकरण जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा है कि जनता दर्शन व अन्य जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, संबंधित कर्मियों के विरुद्ध आगे की विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार पडरौना अभिषेक मिश्रा, नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा, नवीन राय, बहादुर यादव, अरविंद कुमार, योगेंद्र गुप्ता, राम दर्शन शर्मा, अनंत सिंह, शालिनी, नीतू सिंह, पिंकी मिश्रा आदि मौजूद रहीं।