पडरौना। संपूर्ण समाधान दिवस में न्याय की आस लिए पहुंचे रहे फरियादियों को निस्तारण की जगह निराशा मिल रही है। फरियादी बिना निस्तारण ही मायूस होकर लौट जा रहे हैं। लेकिन उनकी कोई सुधि नहीं लेने वाला है। कुछ ऐसी ही हालात शनिवार को पडरौना तहसील सभागार में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुई संपूर्ण समाधान दिवस में देखने को मिली। जहां आए कुल 54 मामलों में से सिर्फ छह मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। शेष को उनसे संबंधित विभागों के अधिकारियों का गुणवत्तापरक निस्तारण के लिए भेज दिया गया।
दोपहर 1:15 बजे खैरटिया शीतलापुर गांव निवासी नीरज शनिवार की दोपहर बाद करीब एक बजे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। जहां डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपकर बताया कि साहब! बैनामा कराई गई जमीन के बंटवारे को लेकर बीते एक साल से तहसील का चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन मेरी कोई सुध नहीं ले रहा है।
दोपहर 1:30 बजे तहसील क्षेत्र के गांव गंगौली निवासी रामनरेश प्रजापति ने कहा कि उनका पात्र गृहस्थी राशन कार्ड में नाम नहीं दर्ज है। राशन कार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए विभागीय अधिकारियों से गुहार लगा चुका हूं,लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निस्तारण करना प्राथमिकता है। मातहतों को मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी व समयबद्ध निस्तारण करने के लिए निर्देश दिया। लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।वहीं, एसपी केशव कुमार ने आए मामलों को सुना और मातहतों को शिकायतों के निस्तारण के लिए सख्त हिदायत दिया।
संपूर्ण समाधान दिवस विभिन्न विभागों से कुल 54 मामले दर्ज हुए। इनमें राजस्व के 31, पुलिस के 12, विकास के आठ व अन्य विभागों से संबंधित तीन मामले शामिल रहे। इनमें से मौके पर राजस्व के छह मामलों का निस्तारण कर दिया गया। बचे 48 को उनसे संबंधित विभागों के जिम्मेदारों को भेज दिया गया।
इस दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मौजूद कर्मियों को शपथ दिलाई गई और हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत भी की गई। इस मौके पर परियोजना निदेशक पीयूष, सीएमओ डा. चंद्रप्रकाश, बीएसए डा.राम जियावन मौर्य, उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह, एसडीएम ऋषभ पुंडीर सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।