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मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी

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मेडिकल कॉलेज का शीघ्र होगा निर्माण, तैयारी तेज
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भवन का निर्माण शुरू होने से पहले हटाई जाएंगी इलेक्ट्रिक लाइन
जिला अस्पताल में लगे तार-पोल हटाने की विभागीय तैयारी पूरी
भवनों की नीलामी के लिए सीएमओ ने लिखा है निदेशालय को पत्र
जिला अस्पताल के बगल में बनेगा 250 बेड का मेडिकल कॉलेज
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। जनपद में बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज के निर्माण की दिशा में एक-एक उपलब्धियां जुड़ने लगी हैं। जिला अस्पताल परिसर से लगायत इसके बगल की जमीन में मेडिकल कॉलेज के लिए भवन बनाया जाएगा। इसके लिए अस्पताल परिसर में पहले से स्थित इलेक्ट्रिक लाइन हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। तार-पोल हटाकर व्यवस्थित करने की सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा पुराने भवनों को भी नीलाम कराने और उन्हें तोड़वाले के लिए निदेशालय को पत्र भेज दिया गया है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में ही केंद्र सहायतित योजना (फेज-3) के अंतर्गत निर्माण कराने के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर मटिहनिया गांव में 13 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के लिए भवन निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग को आवंटित सरकारी आवासों की अवशेष तीन एकड़ जमीन पर चिकित्सा कर्मियों का आवास और कलेक्ट्रेट के पीछे जिला अस्पताल से लगी लगभग दो एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण होगा। इस कार्य में आड़े आ रहे एमडीआर टीबी के लिए आवंटित भवन, हृदय रोगियों के आईसीयू सहित कुछ भवन तोड़े जाएंगे। सीएमओ ने इसकी नीलामी के लिए निदेशालय को पत्र भेज दिया गया है।
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर लागत
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर पुनरीक्षित लागत 320.2062 करोड़ रुपये है। एक दिसंबर-2020 को व्यय वित्त समिति की बैठक के बाद 281.4501 करोड़ रुपये शर्तों के साथ अनुमोदित कर दिए गए थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जो रामपुर मटिहनिया में निर्माण कार्य करा भी रही है। जिला अस्पताल से संबद्ध राजकीय मेडिकल कॉलेज नौ मंजिला प्रस्तावित है। इसका डिजाइन छह माह पहले ही आ चुका है।
500 बेड की क्षमता का अस्पताल
जिला मुख्यालय पर 150 बेड का संयुक्त जिला चिकित्सालय और 100 बेड का एमसीएच (मैटर्निटी एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग पहले से है। इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज का अस्पताल भी 250 बेड का होगा। इसके पूरा हो जाने पर जनपद मुख्यालय पर ही अत्याधुनिक संसाधनों से लैस 500 बेड के तीन बड़े सरकारी अस्पताल हो जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा चुका है। चूंकि राजकीय मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल से संबद्ध होगा, इसलिए वहां कुछ ऐसे भवन हैं, जिनका उपयोग नहीं हो रहा है। वह राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण में बाधक बन रहे हैं। उनकी नीलामी कराकर प्राप्त धनराशि शासन को भेज दी जाएगी तथा उन भवनों को ध्वस्त करा दिया जाएगा। इसके लिए विभाग के निदेशालय को पत्र भेज दिया गया है।
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- डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ
मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आ रही है। जिला अस्पताल परिसर में इलेक्ट्रिक लाइन बाधक बन रही थी, जिसे हटाकर व्यवस्थित तरीके से लगाए जाने के लिए विद्युत निगम को निर्देश दिया जा चुका है। उनकी सभी तैयारी पूरी है। एक सप्ताह के अंदर तार-पोल और लाइन हटाने का कार्य प्रारंभ होगा। बहुत जल्द जिला अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
- एस. राजलिंगम, डीएम
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