रामकोला। क्षेत्र के भठही खुर्द गांव में गुरुवार को पोखरी में डूबने से एक पशुपालक की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव वालों की भीड़ जुट गई।पशु पालक के साथ गई गाय की वफादारी और बेचैनी ने ग्रामीणों को भावुक कर दिया।
भठही खुर्द निवासी 50 वर्षीय इंद्राशन रोज की तरह गुरुवार को अपनी भैंस और गाय चराने के लिए गांव के बाहर गए थे। ग्रामीणों के अनुसार, वह पशुओं को पोखरी में धो रहे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पोखरी पर पहुंच गए और उनकी तलाश शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक चले खोज अभियान के बाद ग्रामीणों ने पोखरी से उनका शव बाहर निकाला। इस दौरान एक मार्मिक दृश्य भी देखने को मिला। ग्रामीणों ने बताया कि इंद्राशन के साथ गई गाय पूरे समय पोखरी के किनारे खड़ी रही,जब तक उनका शव नहीं मिला, वह वहां से नहीं हटी। गाय की यह निष्ठा और अपने मालिक के प्रति लगाव देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना पर हल्का लेखपाल दिलीप सिंह और रामकोला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। गांव वालों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। थानाध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है।