कुशीनगर। कसया थाने में तैनात सिपाही उमाशंकर यादव और महेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद एसपी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। दागी पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके पहले भी पुलिसकर्मियों की ऐसी करतूतें सामने आ चुकी हैं। सूची बनने के बाद भ्रष्टाचार, गलत चाल-चरित्र वाले पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। ऐसे पुलिसकर्मियों पर नजर रखी जाएगी।
बिहार से जुड़ा होने के कारण जिले में संदिग्ध गतिविधियां पहले से चल रही हैं। पशु तस्करी नहीं रोकने और गोरखपुर में पशु तस्करों के उपद्रव के बाद तत्कालीन एसपी संतोष कुमार मिश्रा को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। उसके बाद आए एसपी केशव कुमार ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया। शिकायत करने वाले या साक्ष्य भेजने वालों का नाम-पता गोपनीय रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों की रिश्वत मांगने, बदसलूकी करने जैसी कई गंभीर शिकायतें मिलीं। जांच के बाद शिकंजा कसना शुरू हुआ। पश्चिमी यूपी के पशु तस्करों का बिना जान पहचान जमानत लेने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। कसया थाने में तैनात दोनों सिपाहियों की करतूत सामने आने के बाद एसपी ने दागी पुलिसकर्मियों की कुंडली खंगालने और इनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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भ्रष्टाचार, गलत चाल-चरित्र वाले पुलिसकर्मियों की सूची बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी। -केशव कुमार, एसपी कुशीनगर