- खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में नदी किनारे के गांवों में बढ़ाई गई निगरानी
- तटबंधों के कमजोर स्थलों की निगरानी का डीएम ने दिया निर्देश, बाढ़ खंड की टीम सक्रिय
- वाल्मीकिनगर बैराज के जलस्तर और डिस्चार्ज की नियमित समीक्षा शुरू, तटवर्ती गांव वालों की चिंता बढ़ी
कुशीनगर। नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुबरी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडक नदी का बहाव रुकने और अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की सूचना से जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी के जलस्तर, वाल्मीकिनगर बैराज से पानी के डिस्चार्ज और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर खड्डा और तमकुहीराज तहसील के नदी किनारे बसे गांवों तथा संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है। बंधे पर बाढ़ खंड की टीम निगरानी बढ़ा दी है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से 11 अक्तूबर को जारी निर्देश में बताया गया है कि नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुबरी इलाके में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडक नदी का बहाव बाधित होने से अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडक का बहाव रुकने से इसका पानी नारायणी नदी में चला जाएगा और इससे नदी का जलस्तर बढ़ जाएगा। यही पानी कुशीनगर में आने की आशंका है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) से मिली सूचना के बाद जिले में संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
प्रशासन ने नदी प्रणाली की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल साझा करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड को वाल्मीकिनगर बैराज के जलस्तर और वहां से छोड़े जा रहे पानी के डिस्चार्ज की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि जलस्तर में किसी भी संभावित वृद्धि के मद्देनजर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके पहले नदी का जलस्तर बढ़ने से तमकुहीराज क्षेत्र के गौरहा के पास एपी बांध टूटने से 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे, अभी बंधे की मरम्मत भी नहीं हो सकी है। खड्डा तहसील क्षेत्र के गांवों में भी पानी भर गया है।
नदी किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश
एडीएम पवन कुमार ने बताया कि खड्डा और तमकुहीराज तहसील प्रशासन को बाढ़ की आशंका वाले गांवों, नदी के समीप स्थित आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। क्षेत्रीय कर्मचारियों को अपने-अपने इलाकों में सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की आशंका से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। जिला पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों को भी संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और सूचना तंत्र सक्रिय रखने को कहा गया है।
आपसी समन्वय से होगी निगरानी
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया है। जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होने या किसी अप्रत्याशित स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सूचित करना होगा। एडीएम पवन कुमार के अलावा बाढ़ खंड के एक्सईएन, खड्डा, तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के एसडीएम, पंचायतीराज अधिकारी को निर्देश दिया गया है।