पडरौना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ी बहन लाली की गला दबाने से और छोटी बहन शीला के सिर पर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। शीला के शरीर पर सात जगह चोट के निशान मिले हैं। लाली का गला इतने सख्त हाथों से दबाया गया है कि उसके गले की एक हड्डी टूट गई थी। दो डाॅक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और इसकी वीडियोग्राफी कराई गई।
सेवरही थाना क्षेत्र के देवनारायण टोला निवासी रामप्रसाद की बेटियां लाली (20), शीला (18) गांव के दो सजातीय युवकों से प्रेम करती थीं। उनके साथ तीन बार घर से भाग चुकी थी, घर वालों को समझाने के बावजूद युवकों से मिलना बंद नहीं किया था। रामप्रसाद तीन भाइयों में बड़ा है, दूसरे नंबर का भाई सुरेंद्र अपने परिवार के साथ बाहर रहता है। छोटा भाई बीरेंद्र भी बाहर रहता है, लेकिन उसका परिवार गांव में रहता है। पिता पुनदेव गांव रहते हैं।
रात में शव को ठिकाने लगाने का था इरादा
रामप्रसाद पहले विदेश रहता था। करीब दो साल पहले घर आया और फिर विदेश नहीं गया। पुलिस के अनुसार, पिता और नाबालिग दो बेटों ने साजिश के तहत दोनों बहनों की घर में हत्या कर दी। रात में शव को ठिकाने लगाने का इरादा था, दरवाजे पर डंडा लेकर बैठे आरोपी भाई किसी को घर में नहीं जाने दे रहे थे। जब पुलिस गई तो खुद पिता के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार की। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि बड़ी बहन लाली की गला दबाकर हत्या का विरोध करने पर छोटी बहन शीला की डंडे से पीटकर हत्या की गई है।
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प्रदेश में बिगड़ गया है कानून व्यवस्था
तमकुहीरोड। देवनारायण टोला में सोमवार को हुई दो बहनों की नृशंस हत्या की खबर सुनकर मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू गांव में पहुंचे और घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराध व अपराधियों पर नकेल कसने में भाजपा सरकार विफल है। अपराधी खुलेआम प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना भी बिगड़ती कानून व्यवस्था का ही हिस्सा है।