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Kushinagar News: हत्या का आरोप, गुस्साए लोगों ने जाम की सड़क

Wed, 10 Jun 2026 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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खिरकिया बाजार में पडरौना जटहा मार्ग पर शव रखकर जाम लगाए परिजन और ग्रामीण।स्रोत-सोशल मीडिया - फोटो : मनी
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मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल खिरकिया निवासी राजकुमार कुशवाहा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने खिरकिया बाजार में पडरौना-बांसी मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने, दोषियों की गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग पर अड़ गए। पुलिस के समझाने पर दो घंटे बाद माने और शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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जंगल खिरकिया के 42 वर्षीय राजकुमार कुशवाहा सोमवार सुबह घर से काम के लिए निकले थे। देर शाम खिरकिया-त्रिलोकपुर मार्ग के किनारे उनका शव मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हालांकि, शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। परिजन शुरू से ही हत्या की आशंका जता रहे थे। मंगलवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण सड़क पर उतर आए। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद कोतवाल ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एसडीएम सदर ने मोबाइल फोन के माध्यम से पीड़ित परिवार से वार्ता कर शासन की ओर से नियमानुसार मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। आश्वासन के बाद शाम करीब छह बजे जाम समाप्त हुआ और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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जाम में फंसी रहीं बसें और बिहार जाने वाले वाहन, यात्रियों को हुई परेशानी
पडरौना-बांसी मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। खिरकिया होकर बिहार की ओर जाने वाले छोटे-बड़े वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। वहीं जटहा की ओर जाने वाली सवारी गाड़ियां और बसें भी आगे नहीं बढ़ सकीं। बसों में बैठे यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। जाम के कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।
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पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, बाजार में तनाव का माहौल
जाम के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता रहा। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाते रहे। महिलाओं की संख्या भी काफी रही, जिससे माहौल और अधिक भावुक हो गया।पुलिस अधिकारियों के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी लंबे समय तक सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। जाम समाप्त होने के बाद भी बाजार में देर तक घटना की चर्चा होती रही।
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शव रखकर परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम की थी। उन्हें समझाकर यातायात व्यवस्था बहाल करा दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। -ओमप्रकाश तिवारी कोतवाल
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