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विशुनपुरा सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव

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विशुनपुरा सीएचसी में बिना मास्क के मरीजों को देखते डॉक्टर। - फोटो : KUSHINAGAR
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विशुनपुरा सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव
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स्वीकृत पदों के अनुरूप नहीं हैं चिकित्सक और कर्मचारी
कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने गोद ले रखा है यह अस्पताल
जटहां बाजार(कुशीनगर)। मंसाछापर स्थित विशुनपुरा सीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। यहां डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी है। शुक्रवार को इस अस्पताल में कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं होता दिखा। डॉक्टर बिना मास्क पहने मरीजों का उपचार करते मिले। इस अस्पताल को कैबेनेट मंत्री और सदर विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य ने गोद ले रखा है। इसके बाद भी सुविधाओं की कमी है।
दोपहर 12 बजे सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रामदास कुशवाहा का कार्यालय खाली था। महिला चिकित्सक डॉ. लेखिका सिंह अवकाश पर थीं। कर्मचारी अपना-अपना काम करते मिले। एक डॉक्टर बिना मास्क पहने मरीजों को देख रहे थे। दवा काउंटर पर सन्नाटा था। अस्पताल में कोरोनारोधी टीका भी लग रहा था, लेकिन किसी ने मास्क नहीं पहन रखा था।
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स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक अस्पताल में लगा जनरेटर सात महीने से खराब है। आरओ मशीन भी लगा है, लेकिन उद्घाटन न होने से ताला लटक रहा है। अस्पताल को पांच एंबुलेंस मिले थे, दो पूरी तरह खराब हो गए हैं। परिसर में एक इंडिया मार्क टू हैंडपंप है, लेकिन शुद्ध पानी नहीं मिलता। प्रसव कक्ष में कोई भी मरीज नहीं था। वहां मौजूद स्टॉफ नर्स ने बताया कि सभी को भोजन और नाश्ता समय पर दिया जाता है। अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं है, जबकि टेक्निशियन की तैनाती है। उनसे फील्ड का काम लिया जाता है। दंत कक्ष में मशीन और अन्य सुविधा नहीं है। अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को इसके लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है।
विशुनपुरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रामदास कुशवाहा ने कहा कि वह सीएमओ कार्यालय गए थे, इसलिए उस समय नहीं थे। बाद में अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अन्य कमियों के बारे में बताया कि कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को लिखित तौर पर बता दिया गया है।
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सीएचसी में डॉक्टरों के छह पद हैं स्वीकृत
सीएचसी में डॉक्टरों का छह पद स्वीकृत है। इसके सापेक्ष तीन डॉक्टर तैनात हैं। फार्मासिस्ट का चार पद है, उसके सापेक्ष चीफ फार्मासिस्ट समेत तीन की तैनाती है। वार्ड ब्वॉय के चार पद हैं, लेकिन दो की तैनाती है। स्वीपर के पांच पद हैं। एक की तैनाती है। दाई का तीन पद है, लेकिन किसी की तैनाती नहीं की गई है। स्टॉफ नर्स के आठ पद हैं, दो की तैनाती है। बेसिक हेल्थ वर्कर के छह पद हैं, लेकिन तीन की तैनाती है।
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