कसया/गुरवलिया बाजार। नाम आकाश और बोलने और सुनने में असमर्थ होने के बावजूद अपनी क्रिकेट की काबिलियत से गगन छूने को बेताब।एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में जिले के मूकबधिर खिलाड़ी आकाश सैनी का चयन डेफ क्रिकेट टीम में हुआ है और वह गगन छूने को बेताब है।
जिले के लिए गर्व का क्षण भी है।महज़ 17 वर्ष की उम्र में कुशीनगर के आकाश सैनी ने वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना हर युवा खिलाड़ी देखता है। आकाश मूकबधिर (बोलने और सुनने में असमर्थ) है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकाश का चयन भारतीय डेफ क्रिकेट टीम में हुआ है, जो 18 से 25 फरवरी तक ओडिशा के कटक शहर में आयोजित एशिया कप में भाग लेगी।
पांच देशों की भागीदारी वाले इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में आकाश नीली जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।आकाश सैनी अब तक उत्तर प्रदेश की डेफ टीम की ओर से लगभग 20 राष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। उनके लगातार दमदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टीम का टिकट मिला। इससे पहले उन्हें दिव्यांग आइकन के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
कुशीनगर जिले के पकवा इनार निवासी आकाश सैनी का एशिया कप के लिए भारतीय डेफ क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। आकाश बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वह बोलने और सुनने में असमर्थ हैं। इसके बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की और अब पूरी तरह एशिया स्तर में जलवा बिखेरने के लिए तैयार हैं।18 से 25 फरवरी के बीच भुवनेश्वर के बाराबती स्टेडियम में होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारतीय डेफ एसोसिएशन कर रहा है। यह टूर्नामेंट टी-20 फॉर्मेट में खेला जाएगा।
भारतीय टीम में प्रदेश से सिर्फ दो खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इसमें लखनऊ के रहने वाले अमन रिजवी बतौर ऑलराउंडर टीम में शामिल हुए हैं तो कुशीनगर के आकाश भी पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
परिवार और कोचों की मेहनत रंग लाई : माता बबीता सैनी और पिता नंदलाल सैनी के साथ ही लखनऊ के कोच यूसुफ शेख, सुमंत दुबे, श्रवण वर्मा, रामश्रय सैनी, डीके पांडेय और संदीप मिश्रा ने आकाश के इस उपलब्धि के बाद हर्ष व्यक्त किया है।