- रोजगार, प्रशिक्षण का लालच देकर टुकड़ों में बुलाकर नेपाली युवक-युवतियों को जालसाजों ने ठगा
-कूटरचित आधार कार्ड बनाकर करते थे भारत के सिमकार्ड का इस्तेमाल, लोकल में दीपक की थी पैठ
- नामी कंपनी का फर्जी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देते थे, एक कुशीनगर और नौ नेपाल के हैं आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। नेपाल के युवक और युवतियों को रोजगार और प्रशिक्षण का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना दीपक थापा है। वह जनवरी से पहले से ही कसया नगर में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहता था। अंतरराष्ट्रीय जगह होने के कारण ठगी का ठिकाना कुशीनगर को चुना, ताकि झांसे में आसानी से नेपाली नागरिक आ सकें, क्योंकि शांति का संदेश देने वाली बुद्ध स्थली की छाप देश-विदेश तक गूंजती है। अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद कसया कस्बे के लोग भी सकते में आ गए हैं।
कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र के सपहा मार्ग स्थित विंस पायर वर्ल्ड कंपनी में जनवरी माह से बड़ी संख्या में नेपाली युवक-युवतियां को रखकर प्रशिक्षण जालसाज दे रहे थे। कस्बे के करीब दस किराए के मकान में अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। पांच माह के अंदर दो बार इनके किराए के मकान बदले गए थे। घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था। ये बातें पुलिस की पूछताछ में कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे गए जालसाजों ने बताया है।
अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड दीपक थापा पुत्र भीम बहादुर थापा निवासी हेटौडा थाना हेटौडा जनपद भगवानपुर प्रदेश तीन नेपाल ने बताया कि सोनौली के रास्ते युवक-युवतियों को टुकड़ों में बुलाया गया था। कुशीनगर के अंतर्राष्ट्रीय जगह होने के कारण किसी को बहुत बताना नहीं पड़ता था। पहले से प्रशिक्षण लेने वाले युवकों को बेहतर भविष्य दिखाकर उनके माध्यम से युवक, युवतियों को बुलाकर उनसे ठगी की गई थी।
गिरोह के सरगना ने बताया कि कूटरचित आधारकार्ड बनाकर भारत के सिमकार्ड का इस्तेमाल करते थे और अन्य जरूरी दस्तावेज भी तैयार करा रखे थे। इससे नेपाली नागरिकों को विश्वास भी हो जा रहा था। सरगना दीपक का कसया कस्बे के अधिकांश लोगों से मिलना-जुलना था। उसकी गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में मिलने के लिए कस्बे के कई लोग पहुंचे थे, लेकिन सच्चाई जानने के बाद सभी के होश उड़ गए। जेल भेजे गए जालसाजों में नौ आरोपी नेपाल जबकि एक आरोपी कुशीनगर के रहने वाला है।
अचानक कस्बे में बढ़ गई थी नेपाल नागरिकों की संख्या
अचानक नेपाल के नागरिकों की संख्या बढ़ने से कस्बे के लोगों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन नेपाली नागरिकों के रहने या आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। इसलिए लोग भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दिया। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय जालसाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया तो कस्बे के लोग भी हैरान हो गए। पुलिस यह पता लगा रही है कि आधारकार्ड कहां से बनाया गया था। इनके संपर्क में लोकल के रहने वाले कौन लोग हैं। उनकी भूमिका क्या है। इसके बारे में पुलिस की टीम जांच कर रही है।