कुशीनगर। एनएच-28 पर अवैध कट को बंद करने की कवायद सिर्फ फाइलों में चल रही हैं। हर किलोमीटर पर हादसे का खतरा बना हुआ है। कभी गलत दिशा से आ रही ट्रॉली, तो कभी सड़क के किनारे खड़े ट्रक हाईवे पर बने अवैध कट की वजह से हादसे आम हो गए हैं। रविवार को बगही कुट्टी के पास हुए हादसे ने इस खतरे को और उजागर कर दिया, जिसमें बाबा धाम (देवघर) से लौट रहे सिद्धार्थनगर के चार कांवड़ियों की जान चली गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं।
फोरलेन हाईवे स्थित फाजिलनगर से लेकर बिहार सीमा पर बहादुरपुर तक 15 से अधिक अवैध कट हैं। जहां से लोग जान हथेली पर लेकर रोज गुजरते हैं। अपनी सहूलियत के लिए मुकामी लोगों ने डिवाइर तोड़कर अवैध कट बना लिए हैं, जो आए दिन हादसे की वजह बन रहे हैं। हाईवे के बगही कुट्टी स्थित प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री के पेट्रोल पंप के पास दो अवैध कट बनाए है। इसके अलावे तमकुहीराज पूर्वी ओवरब्रिज, गाजीपुर, बनवरिया, कौवापट्टी, मंझरिया, नोनियापट्टी, सलेमगढ़ खास,सियरहा व बहादुरपुर पुलिस चौकी आदि स्थानों पर अवैध कट से वाहन नियमित रूप से सड़क पार करते है।
हाईवे पर जो अवैध कट हैं, उससे चारपहिया, बाइक, साइकिल सवार सड़क पार कर आते-जाते हैं। हाईवे पर टर्न काफी दूरी के बाद है, जिससे लोगों को घूमकर आना पड़ता है, इसकी वजह से लोगों ने खुद ही कट बना लिए हैं। फाजिलनगर में बघौच मोड़ के पास लोहे की जाली लगाकर डिवाइडर बनाया गया था। लोगों ने डिवाइडर को नीचे कर रास्ता बना दिया है। यहां बेखौफ लोग हाईवे को पार करते रहते हैं। इसके अलावा सुकरौली से प्रेमवलिया तक हाईवे पर 15 मील रामपुर से वैध कटों में जोल्हिनिया, तितिला, थरुआडीह, बाघनाथ, कोतवाली हाटा , भगत छपरा, मुजेहना हेतिमपुर, भुजौली, भैंसहा हेतिमपुर, हिरन्नापुर, झुंगवा, बरवां जंगल, प्रेमवलिया में राजमार्ग प्राधिकरण ने ही वाहनों के आवागमन के लिए वैध कट बनाए हैं। जहां से बड़े और छोटे वाहनों की आवाजाही दिन-रात होती रहती है। इसके अलावा राजमार्ग को लोग अनाधिकृत स्थानों पर पैदल व बाइक से पार करते हैं और तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर मौत की नींद सो जाते हैं।
यही नहीं राजमार्ग के किनारे जहां-जहां पेट्रोल पंप हैं, वहां भी उनके लेन में सड़क से आने-जाने के लिए कट हैं। जहां तेज रफ्तार वाहनों का भिड़ंत पेट्रोल आपूर्ति के बाद सड़क पर प्रवेश करने के दौरान हादसे की संभावना बनी रहती है। फिलहाल इन सभी खामियों के बीच अगर सावधानी और यातायात नियमों व संकेतकों का ख्याल रखकर वाहन चलाया जाए तो हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है।
वाहनों की गलत दिशा और रफ्तार बन रही काल : हाईवे पर ट्रक, टैंकर और मिट्टी लदे ट्रैक्टरों को सड़कों पर ही खड़ा कर दिया जाता है। गलत दिशा में दौड़ते ट्रक और बाइक सवारों की वजह से टक्कर की आशंका हर वक्त बनी रहती है। पटहेरवा, बगही, कौवापट्टी, बनवरिया और सलेमगढ़ जैसे स्थान हादसों के ‘हॉटस्पॉट’ बन चुके हैं। इसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। तमकुहीराज पूर्वी ओवरब्रिज, गाजीपुर, नोनियापट्टी, सलेमगढ़ खास, सियरहा से लेकर बहादुरपुर पुलिस चौकी तक वाहन बेखौफ सड़क पार कर रहे हैं। जहां-तहां खड़ी ट्रॉलियां और खस्ताहाल सड़कें हादसों को और न्योता दे रही हैं।
प्रशासन और विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल : स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अवैध कटों को बंद कराने की मांग की गई, लेकिन न तो एनएचएआई और न ही पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई की। हाईवे किनारे कोई नियोजित पार्किंग नहीं है, जिससे चालक सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं।