पडरौना। मच्छर जनित रोगों के मामले जिले में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं नजर आ रहा है। बीते छह माह में जिले में डेंगू के कुल 20 और मलेरिया के आठ मामले सामने आए हैं। वहीं दो मरीजों में कालाजार की पुष्टि भी हुई है। यहां मलेरिया के साथ-साथ डेंगू के रोगियों की संख्या भी ज्यादा है।
बारिश के समय में मच्छर जनित रोग की समस्या ज्यादा होती है। विभाग की ओर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान का संचालन किया जा रहा है, लेकिन जागरूकता के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। शहर हो या गांव कहीं भी सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं है। भरी नालियाें से उठती दुर्गंध इस बात की गवाही दे रही है। नाली व कूड़े में मच्छर पनप रहे हैं। संचारी रोग अभियान के तहत फाॅगिंग, साफ-सफाई, झाड़ियों की कटान की जानी है, लेकिन यहां इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। आलम यह है कि जिले में मच्छर जनित रोग बढ़ रहे हैं। वहीं डेंगू के कुल 20, एईएस के कुल सात, स्क्रब टाइफस के छह, चिकनगुनिया के चार और कालाजार के कुल दो मामले विभाग में दर्ज है।