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कुशीनगर हादसा: प्रभारी चिकित्साधिकारी का ट्रांसफर और फार्मासिस्ट निलंबित, दो एंबुलेंस चालक बर्खास्त

Thu, 17 Feb 2022 09:17 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पिपरा बाजार

सार

सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुशवाहा का विशुनपुरा सीएचसी पर स्थानांतरण कर दिया गया है। दो एंबुलेंस चालकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। फार्मासिस्ट धर्मेंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
 
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इसी कुएं में गिरने से हुआ हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में कुएं में गिरने के बाद 13 लोगों की मौत के मामले में डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने कार्रवाई की है। कोटवा बाजार स्थित नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को वहां से विशुनपुरा सीएचसी पर स्थानांतरित कर दिया गया है। एक फार्मासिस्ट को निलंबित कर दिया गया है। जबकि दो एंबुलेंस चालकों को बर्खास्त कर दिया गया है।

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नौरंगिया स्कूल टोला निवासी परमेश्वर कुशवाहा के बेटे अमित कुशवाहा की हल्दी की रस्म के दौरान कुएं में गिरने से घायल लोगों को नेबुआ नौरंगिया सीएचसी ले जाया गया था, लेकिन वहां न तो डॉक्टर उपस्थित बताए गए, न ही फार्मासिस्ट। इसके अलावा एंबुलेंस चालकों की लापरवाही भी सामने आई। समय पर उपचार न हो पाने पर सभी को जिला अस्पताल भेज दिया गया था, जहां डॉक्टर ने 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया था।

इस घटना से नाराज लोगों बृहस्पतिवार को खड्डा-पडरौना मार्ग जाम कर सीएचसी के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों तथा एंबुलेंस चालकों पर कार्रवाई  की मांग की। एंबुलेंस चालकों पर आरोप था कि सूचना देने के बावजूद समय से घटनास्थल पर नहीं पहुंचे थे। सांसद विजय कुमार दुबे, डीएम एस. राजलिंगम और एसपी सचिंद्र पटेल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद देर शाम डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने कार्रवाई की दी।
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13 लोगों की मौत पर भी नरमी अपनाने की चर्चा
नेबुआ नौरंगिया सीएचसी ले गए घायलों का समय पर उपचार न होने के बावजूद वहां अनुपस्थित रहे डॉक्टर को सिर्फ अस्पतालन से हटाए जाने और  फार्मासिस्ट को निलंबित किए जाने की चर्चा रही। लोगों का कहना था कि महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए लापरवाहीपूर्वक कार्य करने वाले लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी। क्योंकि यदि आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात किए गए डॉक्टर और फार्मासिस्ट लापता न होते तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

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