जलशक्ति मंत्री ने किया अमवाखास बांध का मुआयना
पडरौना/बरवापट्टी (कुशीनगर)। प्रदेश सरकार के जल शक्ति व सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार शाम अचानक अमवाखास बांध का मुआयना किया। उन्होंने अमवाखास बांध के लक्ष्मीपुर किमी 8.00 से 8.600 तक का स्थलीय निरीक्षण किया जिसमें किमी 8.400 व किमी 8.500 पर चल रहे काम में तमाम खामियां मिलीं। गड़बड़ी देखकर वह बिफर पड़े। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। एक्सईएन और ग्रामीणों से बात करके सिंचाई मंत्री ने पूरी जानकारी ली। काम में ढिलाई और लापरवाही मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उधर, बंधे के निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता के आरोप पर मंत्री और विधायक में कहासुनी भी हुई। विधायक से नाराज मंत्री ने बोल्डर उठाने तक की बात कह डाली। इसकी चर्चा काफी गर्म रही।
एक्सईएन साहब, कब तक पूरा हो जाएगा काम
बंधे के किनारे रहने वाले लोगों ने मंत्री को बताया कि एक हफ्ते से काम ठप पड़ा हुआ है। जबकि 16 जून तक इसकी अंतिम समय सीमा तय है। महज पांच दिनों में काम पूरा होने की बात सुनकर सिंचाई मंत्री बिफर गए। उनके सवाल का कोई जवाब अधिकारी नहीं दे पाए। गड़बड़ी और लापरवाही सामने आने पर उन्होंने प्रमुख सचिव सिंचाई को फोन करके कुशीनगर के सभी बंधों पर कराए गए कामों की जांच कराने का निर्देश दिया। मंत्री का तेवर देखकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बंधा कटा तो नपेंगे अफसर, मंत्री ने नोट किया मोबाइल नंबर
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने आसपास के ग्रामीणों का मोबाइल नंबर भी नोट किया। उन्होंने बंधे के निर्माण कार्य पर नजर रखने की बात कही। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए मंत्री ने कहा कि बाढ़ में बांध टूटा तो कोई बख्शा नहीं जाएगा। सबकी गरदन नपेगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि योगी की सरकार है जो भी गड़बड़ी करेगा। उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री संग सांसद विजय दुबे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्रा, तमकुहीराज विधायक असीम कुमार राय, पडरौना विधायक मनीष जायसवाल, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, भाजपा क्षेत्रीय मंत्री अजय तिवारी, ललन मिश्र, धनंजय तिवारी, गुड्डु राय, प्रमोद तिवारी, बलवंत सिंह, बरवापट्टी प्रभारी थानाध्यक्ष रामअवध राम व जिले के सभी अधिकारी मौजूद रहे।
गुणवत्ता पर मंत्री और विधायक के बीच नोकझोंक
निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय के बीच नोकझोंक की चर्चा पूरे जिले में रही। विधायक ने बोल्डर पिचिंग और जाली भरने में लापरवाही और गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि छोटे बोल्डर बिछाए जा रहे हैं। इस बात पर मंत्री ने विधायक से बोल्डर उठाकर दिखाने की बात तक कह दी। अनियमितता को लेकर विधायक ने विधानसभा में प्रश्न लगाने की बात कही। इससे काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। उधर, भाजपा नेता प्रमोद तिवारी ने भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सिंचाई विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। 10-10 साल से अधिकारी एक ही जिले में जमे हुए हैं। यह मामला सामने आने पर सिंचाई मंत्री ने जांच का आश्वासन दिया।