संवाद न्यूज एजेंसी गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत टॉफी-बिस्कुट की दुकान की पुड़िया के गांजा से स्कूल-अस्पताल में सुलग रही चिलम..., की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने टैग कर उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई। पुलिस ने जांच का बहाना बनाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया।
मगर, हकीकत की बात करें तो विद्यालय में पूरे दिन गांजा की कश से युवा धुआं उड़ाते रहे। गांजा की खरीद और खपत की रोकथाम के लिए पुलिस ने कोई भी अभियान नहीं चलाया और न ही इसको लेकर नशेड़ियों में इसका कोई डर ही नजर आया।दो दिन पूर्व यूपी एसटीएफ और पुलिस की ओर से पकड़े गए लाखों के गांजा की खेप का तार ग्रामीण स्तर पर फुटकर विक्रेताओं और नशेड़ियों तक जुड़ा तो ग्रामीण स्तर पर शिक्षा के मंदिर में चिलम सुलगाने की बात निकलकर सामने आई।
‘’टॉफी-बिस्कुट की दुकान की पुड़िया से स्कूल-अस्पताल में सुलग रही चिलम’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई तो सोशल मीडिया और एक्स पर लोगों ने एडीजी, डीआईजी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को टैग कर गांव की हो रही बदनामी और विद्यालय की प्राचीन सभ्यता के खंडित होने को लेकर कार्रवाई की मांग की। एक्स पर कुशीनगर पुलिस के एक्स हैंडल से जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन हकीकत बिल्कुल इससे परे था। सोंदिया बुजुर्ग गांव में 90 के दशक से ही संचालित दीपनारायण पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बृहस्पतिवार को भी नशेड़ियों की आमद रही और बिना किसी डर के वह सिगरेट के मसाले को गांजे में भरकर छल्ला बनाते रहे। वहां मौजूद लड़कों ने बताया कि वह 05 किमी दूर से आए हुए थे। इसके अलावा भी कई बाइक सवार आए और कक्षाओं में अंदर धुआं-धुआं करते रहे।
व्यापक अभियान की दरकार...नशे में आएगी कमी, गांव में शांति : तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र यूं तो गांजा तस्करी का हब है और यहां बेचने से लेकर इसकी खपत वालों की संख्या अधिक है। लेकिन पूरे जिले में भी गांजा तस्कर और इसका सेवन करने वाले युवाओं की अधिकता है।
इस मामले में सीओ अभिषेक प्रताप अजेय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।