पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जनपदीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक हुई। जाति प्रमाण पत्र प्रकरणों में गहन स्थलीय सत्यापन एवं स्पष्ट कारण अंकित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान प्रत्येक प्रकरण में पक्ष एवं विपक्ष की बातों को सुनने के बाद डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने तहसीलदारों को जाति संबंधी विवादों का निस्तारण सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के प्राप्त आवेदनों एवं संबंधित प्रकरणों की तहसीलदार स्वयं जांच करें। आवेदक के सामाजिक, पारिवारिक एवं वैवाहिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए स्थलीय सत्यापन के बाद शासनादेश के अनुसार निस्तारण करने का निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जाति प्रमाण पत्र आवेदन को स्वीकृत अथवा निरस्त किया जाता है तो उसके संबंध में स्पष्ट एवं तथ्यात्मक कारण अंकित करें।
डीएम ने कहा कि जाति प्रमाण पत्रों से संबंधित मामलों में वादी अथवा प्रतिवादी की तरफ से जनता दर्शन अथवा समाधान दिवस में शिकायत प्रस्तुत करना निर्धारित शासकीय प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहा है। अथवा किसी अन्य व्यक्ति के जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति है, तो शासन की तरफ से निर्धारित प्रारूप पर जनपदीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के समक्ष अपील की जाएगी। डीएम ने कहा कि जनपदीय समिति के निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित मंडलीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के समक्ष अपील कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति राज्य समिति के निर्णय से भी संतुष्ट नहीं है, तो वह माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अपील कर सकता है। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव आदि मौजूद रहे।