कसया। पुराना फाजिलनगर रोड पर लूना अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन की तैयारी के दौरान ओटी में हुई महिला की मौत के मामले में सीएमओ ने जांच का आदेश दिया है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से अस्पताल संचालक अस्पताल बंद कर भूमिगत है। बुधवार को ओटी बंद करने का नोटिस लेकर पहुंची स्वास्थ्य टीम को गेट पर नोटिस चस्पा कर लौटना पड़ा। परिजनों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
ऑपरेशन भी नहीं होने की पुष्टि हुई है और विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। एनेस्थिसिया देने के बाद ही तबीयत बिगड़ने से मौत की बात सामने आई है।
मंगलवार को ऑपरेशन के लिए भरौली की 26 वर्षीय नरगिस को ओटी में डाॅक्टरों ने बेहोशी की दवा दी। उसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। मृतका के पति तसनीम कौसर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन से पहले किसी तरह की जटिलता की जानकारी नहीं दी थी। सभी जांच सामान्य बताकर ऑपरेशन की तैयारी की गई थी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से नरगिस की मौत हो गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। सीएमओ के निर्देश पर कसया सीएचसी अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी लूना अस्पताल संचालक को जांच होने तक ओटी बंद करने के लिए नोटिस लेकर पहुंचे। अस्पताल में बाहर से ताला बंद था। आसपास के लोगों ने बताया कि घटना के बाद से अस्पताल का संचालक व वर्कर लापता हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके गेट पर नोटिस चस्पा कर लौट आई।
महिला के शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के दो पैनल की टीम ने की। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो महिला का अभी ऑपरेशन नहीं हुआ था, एनेस्थिसिया देने के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी।