पडरौना। क्षेत्र के गांगरानी स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सभागार में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के बारे में मिली जानकारी जीवन में उतारने की सलाह दी।
प्रशिक्षक मनोज कुमार कुशवाहा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है बनावटी (कृत्रिम) तरीके से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता। इसके जरिए कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है, जिसे उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास किया जाता है। इसके आधार पर मानव मस्तिष्क काम करता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्राचार्य उमेश पांडेय, मनीष कुमार सिंह, एम हुसैन, विश्वजीत, आर्यन द्विवेदी आदि मौजूद रहे।