पकवा इनार। राजकीय बौद्ध संग्रहालय की तरफ से वर्मी बुद्ध विहार में पांच दिवसीय भारतीय संस्कृति अभिरुचि पाठ्यक्रम विषय पर व्याख्यान चल रहा है। इसमें प्रतिभागियों को संस्कृति, सभ्यता और समाज के बारे में जानकारी दी जा रही है।
व्याख्यान के तीसरे दिन शुक्रवार को मुख्य वक्ता बुद्ध पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर अंबिका तिवारी ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति एक गौरवशाली विरासत है। भारत न केवल एक भौगोलिक इकाई है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक चेतना है। एक ऐसा देश जहां विविधता में एकता की परंपरा जीवंत है, जहां हर पत्थर में देवत्व है और जहां हर परंपरा एक जीवन मूल्य सिखाती है। इसे नई पीढ़ी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत की संस्कृति न केवल विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है, बल्कि इसकी जड़ें आज भी समाज की आत्मा में गहराई से समाई हुई हैं। इसमें 55 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। व्याख्यान का संचालन तेज प्रताप शुक्ल ने किया। अंत में तरुण शुक्ल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान डाॅ. राकेश सिंह, धीरेंद्र मिश्र, बेग, ललित आदि मौजूद रहे।