पडरौना। यूरिक एसिड से सिर्फ जोड़ों का ही दर्द नहीं, बल्कि हृदय की पंपिंग को भी काफी बढ़ा देता है। इससे किडनी भी प्रभावित होती है। यदि सामान्य से अधिक सात मिली ग्राम प्रति डेसीलीटर से ऊपर है, तो हृदय की पंपिंग क्षमता भी प्रभावित होती है। ऐसे में हार्ट फेल की स्थिति भी पैदा हो सकती है। ऐसे रोगियों को बिना देर किए ही हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के चिकित्साप्रभारी हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. संजीव सुमन ने बताया कि हार्ट अटैक की समस्या उन लोगों को अधिक हो रही है, जिनकी यूरिक एसिड बढ़ती है। ऐसे मरीजों के खून में भी यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या आ रही है। यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से लोगों को जोड़ों व घुटनों में दर्द हो रही है। यदि इसपर ध्यान न दिया जाए या अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो बढ़ा हुआ यूरिक एसिड किडनी जैसे अंगों के लिए गंभीर समस्याओं का भी कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि यूरिक एसिड की समस्या से इस वक्त बड़ी तादाद में लोग जूझ रहे हैं। रोजाना करीब 20-25 मामले ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें यूरिक एसिड की शिकायत है।
उन्होंने बताया कि असल में रक्त में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है। शरीर जब प्यूरीन नामक रसायन का ठीक तरीके से ब्रेकडाउन नहीं कर पाता है तो यूरिक एसिड बनता है। यूरिक एसिड रक्त में घुलकर किडनी से होता हुआ पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर आ जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसकी मात्रा रक्त में बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि कई प्रकार के भोजन और पेय पदार्थ में प्यूरिन की अधिकता होती है। यह यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बन सकते हैं। इसलिए आहार पर विशेष ध्यान रखना जरूरी है।