बरवापट्टी (कुशीनगर)। अमवाखास तटबंध के किमी-सात पर लक्ष्मीपुर के समीप निर्माणाधीन स्पर का करीब सात मीटर हिस्सा गंडक नदी में धंस जाने से बाढ़ विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। आसपास के गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। बाढ़ विभाग का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
जानकारी के अनुसार, करीब छह करोड़ रुपये की लागत से किमी-सात पर नया स्पर बनाया जा रहा है। यह कार्य 30 जून तक पूरा होना था, लेकिन समय पर निर्माण पूरा नहीं हो सका। सोमवार से ही नदी इस स्थान पर दबाव बना रही थी। मंगलवार रात बैक रोलिंग शुरू हुई और स्पर का कुछ हिस्सा नदी में समा गया। बुधवार सुबह तक करीब सात मीटर हिस्सा धंस गया।
इसके बाद विभाग ने मौके पर मशीनें लगाकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी है। लक्ष्मीपुर निवासी जयराम यादव और नवीन पाल का आरोप है कि डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने 30 जून तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण काम अधूरा रह गया। उनका कहना है कि बरसात का बड़ा दौर अभी बाकी है और आगे नदी का डिस्चार्ज बढ़ने पर तटबंध की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरवापट्टी के समीप अमवाखास तटबंध के किमी-1 पर भी नदी धीरे-धीरे ठोकर के पास कटान कर रही है, लेकिन वहां अभी तक प्रभावी बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है।
वर्जन
- किमी-सात पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। स्पर का जो हिस्सा धंसा था, उसकी तत्काल मरम्मत करा दी गई है और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। -सूर्यप्रकाश सिंह, एसडीओ बाढ़ खंड