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Kushinagar News: बाढ़ से बचाव की अधूरी तैयारी गांव वालों के लिए खतरे की घंटी

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तमकुहीरोड। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। पानी के उतार चढ़ाव से एपी बांध और नरवाजोत बांध पर पानी का दबाव बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है।
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लोगों का कहना है कि अभी भी सभी जगहों पर परियोजना का कार्य अधूरा है और विभाग उसे पूरा कराने में जुटा हुआ है। ऐसे में यदि पानी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो न केवल बचाव कार्य प्रभावित होगा, बल्कि बंधे के साथ तटवर्ती गांवों में बसे लगभग 20 हजार से अधिक की आबादी की सुरक्षा खतरा हो सकता है। सेवरही में नरवाजोत एक्सटेंशन से लेकर अहिरौलीदान तक करीब साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। जुलाई व अगस्त का महीना बांध की सुरक्षा के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इस महीने में हमेशा वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है। कभी कभी तो यह डिस्चार्ज छह लाख क्यूसेक से अधिक भी हो जाता है। पिछले साल यह डिस्चार्ज चार लाख क्यूसेक से अधिक रहा है, हालांकि इस खतरे से बचाव व बांध की सुरक्षा को लेकर इस साल शासन ने सुरक्षात्मक कार्य के लिए 32.71 करोड़ की लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
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