पकड़ियार बाजार। कोटवा में चार दिन पूर्व एक महिला की इलाज में लापरवाही से हुई मौत की जांच अभी पूरी नहीं हुई थी कि एक और निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित होता पकड़ा गया। जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को रजिस्ट्रेशन पेपर संचालक नहीं दिखाया तो टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। संचालक को पेपर दिखाने का तीन का समय टीम ने दिया है, नहीं इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा में एक मकान में एक समाचार पत्र का बोर्ड लगाकर अवैध तरीके से अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। इसकी शिकायत किसी ने सीएमओ से किया।
सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के अधीक्षक के नेतृत्व में टीम पहुंची तो संचालक अस्पताल का रजिस्ट्रेशन से जुड़ा कोई पेपर नहीं दिखा सका। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। संचालक ने कहा कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, लेकिन पेपर कहीं रख दिया हूं। इस पर सीएचसी अधीक्षक ने संचालक को तीन दिन का समय दिया। तय समय में पेपर नहीं दिखाने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि हाल ही में कोटवा चौराहा पर अवैध अस्पताल में इलाज के दौरान एक महराजगंज की महिला की मौत हो गई, पास में बिना अस्पताल का बोर्ड लगाए अवैध तरीके से यह भी अस्पताल संचालित हो रहा था। अभी तक की जांच में अस्पताल का न तो नाम पता चला है और न ही कोई इस चौहद्दी पर रजिस्ट्रेशन हुआ है। रजिस्ट्रेशन का पेपर नहीं दिखाने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।