पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन ने शनिवार को एक दहेज हत्यारोपी पति को सजा सुनाई। उन्होंने दहेज हत्यारोपी पति की अपराध की सुनवाई करते हुए सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी दुर्गा मिश्र निवासी चकदेईया थाना कसया के खिलाफ कसया पुलिस ने वादी मुकदमा श्याम जी पांडेय की तहरीर पर 15 जुलाई 2001 को केस दर्ज किया था।
वादी मुकदमा ने पुलिस को बताया था कि बहन गीता की शादी वर्ष 1994 में दुर्गा मिश्र पुत्र रामनरेश मिश्र निवासी चकदेईया से की थी। शादी के बाद पति दुर्गा मिश्र व ससुर रामनरेश मिश्र दहेज में बाइक मांगने लगे। पैसे की कमी की वजह से वे उनकी मांग पूरी नहीं कर सके। इसको लेकर बहन के ससुराल के पति और सुसर के अलावा देवर हरिओम मिश्र, सास सुमित्रा देवी, बड़ी ननद सरोज देवी आदि दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 13 जुलाई 2001 की दोपहर बहन के घर गए तो देखा कि उनकी बहन का दरवाजा बंद है। और घर पर कोई नही है।
गांव के लोगों ने बताया कि बहन के ससुराल के लोग 12 जुलाई 2001 की शाम जलाकर हत्या कर रात में अंतिम संस्कार कर दिए। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन आनंद प्रकाश तृतीय की न्यायालय में सुनाई के दौरान अभियुक्त माया मिश्र की मृत्यु हो गई है।