पडरौना। यूपी व बिहार के कई निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा अब महकमे के लिए गले की हड्डी बनने लगा है। बिना बीमारी के ही मरीजों का ऑपरेशन कर सरकार को चूना लगाने के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य के स्वास्थ्य निदेशक से पत्र लिखकर जवाब मांगा है। स्वास्थ्य निदेशक से चार मार्च तक रिपोर्ट मांगी गई है।
शहर के जटहां रोड पर नव जीवन ज्योति हॉपिस्टल में फर्जी रिपोर्ट के आधार पर आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में सीएमओ ने जांच बैठा दी और स्वास्थ्य मंत्री तक मामला पहुंच गया। जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह तक मामला पहुंचने के बाद डॉ. पुष्कर यादव पर सीएमओ ने केस दर्ज कराया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अभी जांच कर रही है। अधिवक्ता एसके झा ने बिहार व यूपी राज्य मानवाधिकार आयोग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में तीन अलग-अलग याचिका दायर की थी, इसपर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग की ओर से यह पत्र लिखा गया है। पांच मार्च को आयोग के समक्ष मामले में अगली सुनवाई को होगी। मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़ा के सरगना का मुखिया डॉ. पुष्कर यादव है, इसकी गिरफ्तार अविलंब होनी चाहिए, क्योंकि जबतक डॉ. पुष्कर यादव की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है।
इस मामले में सीएमओ सुरेश पटारिया ने बताया कि इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।