पडरौना। ई-केवाइसी और चेहरा प्रमाणीकरण में प्रगति नहीं लाने वाली लापरवाह कसया क्षेत्र के 53 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अगले आदेश तक मानदेय रोक दिया है। उन्होंने चेताया कि इसके बाद भी कार्य में सुधार नहीं होने पर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिले में 4134 आंनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। इसमें 2.19 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से अभी तक करीब 1.50 लाख लाभार्थियों का ही ई-केवाइसी और चेहरा प्रमाणीकरण का कार्य हो सका है।
बृहस्पतिवार को कसया बाल विकास परियोजना के लाभार्थियों का ई-केवाइसी और चेहरा प्रमाणीकरण की समीक्षा की गई, जिसमें से कार्य के प्रति अपेक्षित सुधार नहीं होने पर सीडीओ के निर्देश पर बाल विकास परियोजना कसया के 53 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अगने आदेश तक रोक दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि लापरवाह इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके पूर्व भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद उनकी तरफ से परियोजना की तरफ से मिले कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया है। उन्होंने चेताया कि यदि इसके बाद ई-केवाइसी और चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में प्रगति नहीं हुई तो उनकी संविदा आधारित मानदेय सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।