19 मार्च को मनाई जाएगी होली : शुभेंदु वेदांती
तुर्कपट्टी (कुशीनगर)। होली पर्व के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान भी है। ऐसे में विधि सम्मत तिथि और समय का ध्यान रखना आवश्यक होता है, ताकि परिवार और देशकाल का मुहूर्त, सदैव उन्नति का मार्ग प्रशस्त करे।
ये बातें वाराणसी के आचार्य शुभेंदु वेदांती ने कहीं। वह रविवार को तुर्कपट्टी बाजार में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि होली व होलिका दहन शुभ मुहूर्त निश्चित करते समय कुछ संशय की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कुछ विद्वानगण होली 18 मार्च को बता रहे हैं। दरअसल, होलिका दहन 17 मार्च बृहस्पतिवार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की रात 12:47 के बाद होना है।
ऐसे में 18 मार्च शुक्रवार को दिन में 12:47 तक भद्राकाल रहेगा। उनका कहना है कि शास्त्रों में भद्राकाल अवधि में होलिका दहन पूर्णत: निषेध है। ऐसे में होली 18 मार्च शुक्रवार को मनाया जाना संभव नहीं है। होली पौराणिक काल से सूर्योदय कालीन प्रतिपदा तिथि से मनाई जाती है और सूर्योदय कालीन प्रतिपदा तिथि 19 मार्च शनिवार को होगी। होली का त्योहार 19 मार्च शनिवार को ही शास्त्र में वर्णित है।