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Kushinagar News: मां की हत्या के बाद टूट गया दिल, नंदू संग तीनों भाइयों ने भी छोड़ दिया गांव

Sat, 08 Nov 2025 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। बंगरा दुमही गांव में मां की हत्या के बाद नंदू शर्मा व उसके तीनों भाइयों का दिल टूट गया था। घर सूना लगने लगा तो चारों ने घर छोड़ने का निर्णय ले लिया। मकान और संपत्ति बेच दी। इस बीच नंदू की पत्नी से दूरी बन गई और दूसरी शादी कर देवरिया के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के श्यामपुर मुसहरी गांव में रहने लगा।
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नंदू काफी दिनों तक लखनऊ में रहकर काम किया। अब चेन्नई में रहकर काम करता है। उसने बताया कि गांव में मुझसे किसी से संपर्क नहीं रह गया था। दीपावली में श्यामपुर मुसहरी आया। पुलिस के जरिए जानकारी होने पर जो बयान उस समय पुलिस को दिया था, वहीं बयान कोर्ट में दिया हूं। मां के कातिल को सजा दिलाने के लिए मजबूती से अब मुकदमे की पैरवी करूंगा।

सेवरही थाना क्षेत्र के बंगरा दुमही गांव निवासी श्रृंगारी देवी पत्नी चंद्रिका शर्मा की 2007 में हत्या कर गन्ने के खेत में लाश फेंक दिया गया था। तीसरे नंबर के बेटे नंदू शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस गांव के रोशन आलम उर्फ भुट्टू पर केस दर्ज किया। चार भाइयों में दूसरे नंबर के रमाकांत शर्मा की मौत हो गई। इसके बाद पूरा परिवार परेशान हो गया। बड़े भाई हरिद्वार शर्मा फाजिलनगर में मकान बनवाकर रहने लगे। तीसरे भाई नंदू शर्मा की पत्नी से विवाद हो गया और पत्नी अपने मायके चली गई।
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इसके बाद नंदू देवरिया के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के श्यामपुर मुसहरी गांव में दूसरी शादी कर लिया और वहीं पर रहने लगा। छोटा भाई सिकंदर शर्मा दुबई में काम करता है, उसका परिवार हैदराबाद में रहता है। नंदू ने बताया कि मां ने आरोपी रोशन को उधार रुपये दिया था। रुपये मांगने पर रोशन ने मां की हत्या कर शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया था। उस समय घर पर कोई पुरुष सदस्य नहीं था। गन्ने की कटाई करने के बाद लोगों ने शव देखा था। इसके बाद गांव से इतनी दूरी बन गई कि उधर कभी देखने का मन नहीं किया और न ही किसी से संपर्क रखा।
मेरा परिवार अपने कमाने-खाने में व्यस्त रहता था, किसी से कोई मतलब नहीं था, लेकिन बेवजह मां की हत्या ने दिल तोड़ दिया। मुकदमे की प्रक्रिया मुझे मालूम नहीं थी और आर्थिक परेशानी होने के बाद शहरों में जाकर काम करता था। इसलिए कोर्ट से नोटिस आने के बाद भी जानकारी नहीं होती थी। घटना के समय पुलिस ने जो पूछा था वह बता दिया गया था। उस समय पुलिस कही थी कि कोर्ट में जाना होगा तो बताया जाएगा। आरोपी जेल चला गया था, इसलिए मैं भी निश्चिंत था। कोर्ट में बयान दर्ज करा दिया हूं। मां के हत्यारोपी को सजा दिलाने के लिए मजबूती से मुकदमे की पैरवी करूंगा।
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