फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा सक्रिय

विज्ञापन
विज्ञापन
मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा सक्रिय
विज्ञापन

स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची, जांच में 19 और बच्चे मिले बुखार पीड़ित
एसीएमओ ने भी प्रभावित लोगों से मिलकर हाल जाना
संवाद न्यूज एजेंसी
दुदही। क्षेत्र के बांसगांव के खैरवा टोला में तीन साल के अंकित की मौत की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हुआ। स्वास्थ्य टीम पहुंची और कैंप लगाकर लोगों बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की तो 19 बच्चे बुखार पीड़ित मिले। उन सभी का उपचार किया गया। बच्चों के बीमार होने की सूचना पर एसीएमओ सुरेश कुमार भी पहुंचे वहां की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही। इस गांव में टीम लगाकर सफाई कराई गई। गांव में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराया गया।
बांसगांव के टोला खैरवा में बुखार से पीड़ित तीन साल के एक बच्चे की बुधवार को बुखार से मौत हो गई थी। यह बच्चा गांव के धर्मेंद्र का तीन वर्षीय बेटा अंकित था। अमर उजाला के खबर को संज्ञान में लेकर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डॉ. नितिन कुमार, सुशील श्रीवास्तव, अजय कुशवाहा आदि ने कैंप लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच में राजा पांच वर्ष, विकास 12 वर्ष, संध्या दो वर्ष, प्रेमशीला तीन वर्ष, सरफराज चार चार, अरमान दो साल, सरफराज चार साल, रवींद्र सात वर्ष, अमित दो साल सहित नूरबीबी 70 साल, धर्मेंद्र 22, कांति 35 साल, शिवरती 65, अलीशेर 30, लाडला एक साल, अमित आठ साल, आसमां नौ समेत 19 से अधिक बच्चे और अन्य लोग बुखार से पीड़ित मिले। उन्हें दवा दी गई। इसके अलावा 15 सफाईकर्मियों की टीम लगाकर गांव में सफाई कराई गई। गांव में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया। वहीं गांव में साधारण हैंडपंपों पर लाल पेंट से क्रास का चिह्न लगाकर उसका पानी पीने से मना किया गया।
विज्ञापन

कांग्रेस के जिला सचिव पीड़ित परिवारों से मिले
दुदही। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव संजय कुशवाहा बांसगांव के खैरवा टोला पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य महकमा सिर्फ कागजों में सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है। हकीकत में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसका उदाहरण खैरवा टोला है।
विज्ञापन

गांव का सुअरबाड़ा नहीं हटा
दुदही। बांसगांव के खैरवा टोला में सफाई नहीं हो रही थी। यहां तक कि मस्तिष्क ज्वर से इस गांव में पूर्व में तीन बच्चों के पीड़ित होने के बावजूद सुअरबाड़ा तक नहीं हटाया गया है। इसके अलावा खैरवा टोला के लोग नाली, पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाओं से भी वंचित हैं। इस टोले को पूर्व में तत्कालीन डीएम लोकेश एम गोद ले चुके हैं। उसके बाद भी टोले पर विकास नहीं हुआ। बांसगांव ग्राम सभा 42 पुरवों में आबाद है, जहां 22 हजार मतदाता और 40 हजार से अधिक आबादी है। खैरवा टोला में 146 परिवार हैं तथा 1210 लोग निवास करते हैं। ज्यादातर गरीब तबके के लोग हैं। यहां नालियां अधूरी हैं, जो बनी हैं वह भी जलनिकासी योग्य नहीं हैं। सफाई होती नहीं है। 146 लोगों में से 90 का शौचालय बना है, लेकिन उनमें 50 से अधिक शौचालय प्रयोग लायक नहीं हैं। कुछ अधूरे हैं तो कुछ क्षतिग्रस्त हो चुुके हैं। गांव में नौ इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगे हैं, जिसमें तीन खराब हैं। पांच वर्ष पूर्व गांव में ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति के लिए पाइप बिछाई गई, लेकिन दस दिन ही आपूर्ति के बाद बंद कर दिया गया। टोले में सुअरबाड़ा भी है। बताया जाता है कि प्रतिवर्ष दो-तीन बच्चे मस्तिष्क ज्वर की चपेट में आ जाते हैं। जबकि छह की मौत हो चुकी है। इस टोले में अब तक 15 से अधिक लोग मस्तिष्क ज्वर की चपेट में आ चुके हैं। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें