हाटा। इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का असर अब स्थानीय बाजारों और आम लोगों की दैनिक जरूरतों पर पड़ने लगा है। हाटा क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की किल्लत हो गई है। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रसोई गैस की मांग बढ़ने से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।
हाटा क्षेत्र के तितला और जोल्हिनिया स्थित पेट्रोल पंपों पर सोमवार की रात से ही डीजल और पेट्रोल समाप्त है। सुबह से ही वाहन चालकों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई लोग पेट्रोल की तलाश में एक पंप से दूसरे पंप तक चक्कर लगाते देखे गए, लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ा।
ईंधन की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनका रोजमर्रा का कामकाज वाहनों पर निर्भर है। किसान, व्यापारी और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को अपने काम के लिए वाहन चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ईंधन की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इधर रसोई गैस को लेकर भी क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। हाटा स्थित अर्चना गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग सिलिंडर लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े नजर आए। कई उपभोक्ता सुबह से ही एजेंसी के बाहर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि आपूर्ति कम होने के कारण सिलेंडर मिलने में काफी देर हो रही है। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें एक सिलेंडर लेने के लिए पूरा दिन लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को भी भीड़ में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सुचारू कराई जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। फिलहाल लोगों की नजरें आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने पर टिकी हुई हैं।
तितला और जोल्हिनिया स्थित पेट्रोल पंप पर पसरा सन्नाटा।